
खरसिया। पावन भूमि ग्राम चपले (बायंग चौक मंडी के पास) में आयोजित संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कनमुरा वाले व्यास श्रद्धेय पं. परमानंद महाराज ने व्यासपीठ से “नंद के आनन्द भयो” प्रसंग का मार्मिक प्रस्तुतीकरण किया, जिससे कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा का आयोजन 12 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 03 बजे से हो रहा है।

हरिद्वार से शिक्षित पं. परमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग, कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की पीड़ा तथा गोकुल में हुए आनंदोत्सव का विस्तार से वर्णन किया। संगीतमय प्रस्तुति और भक्ति भाव से पूरा वातावरण आध्यात्मिक बना रहा।
आयोजन में क्षेत्र के अनेक यजमानों एवं महिला मंडल के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे धार्मिक आयोजन सामुदायिक स्वरूप में सम्पन्न हो रहा है।
ऐसे धार्मिक आयोजनों से ग्रामीण समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है। कथा के माध्यम से धार्मिक मूल्यों, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश प्रसारित होता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत होती दिखी।

आयोजकों ने आगामी दिनों में भी कथा श्रवण के लिए अधिकाधिक श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील की है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की निरंतरता से क्षेत्र में सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है। आयोजन “करने-कराने वाले हनुमान जी” के सान्निध्य में सम्पन्न हो रहा है।




