
खरसिया।राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर खरसिया थाना क्षेत्र के कुनकुनी के पास हो रहे सड़क हादसों के बावजूद सुरक्षा और रख-रखाव व्यवस्था को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की सुध लेने और सड़क की खामियों को दूर करने में जिम्मेदार एजेंसियों की सक्रियता तब ही दिखती है जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है।
NH-49 रायगढ़ से रायपुर,दुर्ग,भिलाई आवागमन का प्रमुख मार्ग है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क पर अव्यवस्थित ट्रैफिक, खराब रख-रखाव और सुरक्षा संकेतों की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

कुनकुनी क्षेत्र में हाल के हादसों के बाद भी सड़क की स्थिति में ठोस सुधार नहीं होने से लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात व्यवस्था बहाल करने में भी देरी होती है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निगरानी, चेतावनी संकेत,त्वरित राहत व्यवस्था और सड़क मरम्मत की प्रभावी प्रणाली आवश्यक होती है। यदि इन उपायों में कमी रहती है तो दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बढ़ जाती है।
NH-49 पर सामने आ रही स्थिति सड़क प्रबंधन और यातायात नियंत्रण प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। यह मुद्दा केवल स्थानीय स्तर का नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा नीति के क्रियान्वयन से भी जुड़ा माना जा रहा है।
लगातार अव्यवस्था से इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से सड़क सुधार, नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई की मांग उठ रही है। यात्रियों को भी सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों की पहचान, सड़क मरम्मत, ट्रैफिक प्रबंधन और जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाए जाने से स्थिति में सुधार संभव है। यदि समय रहते ठोस उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



