छत्तीसगढ़

एथनिक रिसॉर्ट शुरू होने से मैनपाट में होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा- पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू

करमा एथनिक रिसॉर्ट मैनपाट व जोहर मोटल का हुआ लोकार्पण

छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, लोक निर्माण, गृह, जेल एवं धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य एवं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मैनपाट के कमलेश्वरपुर में आयोजित समारोह में करमा एथनिक रिसॉर्ट व जोहर मोटल सोनतराई का लोकार्पण हुआ। समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा राजगीत के साथ किया गया। स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करमा एथनिक रिसॉर्ट में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा के साथ यहां की जनजातीय परंपरा, स्थानीय एवं तिब्बती संस्कृति को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर अतिथियों ने एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण कर अवलोकन भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि करमा एथनिक रिसॉर्ट के लोकार्पण से मैनपाट में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार में एक और कड़ी जुड़ गई जो पर्यटन विकास में एक अच्छा आयाम साबित होगा। इस रिसॉर्ट के शुरू होने से पर्यटक यहां रुकेंगे जिससे मैनपाट में होम स्टे को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को  रोजगार मिलेगा। यहाँ के हस्तशिल्प को मार्केट मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम इस रिसॉर्ट के माध्यम से पर्यटकों को प्रकृति को नजदीक से देखने का मौका देना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश में पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अब तो प्रदेश में पर्यटन नीति भी बन चुकी है जिससे पर्यटन एक उद्योग के रूप में स्थापित हो सकती है। जो भी इस क्षेत्र में काम करना चाहेंगे उन्हें सुविधा दी जाएगी।

इस मौके पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा की आज मैनपाट के विकास और सुविधा में एक और अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश में पर्यटन को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपाट की खूबसूरती इतनी है कि मैनपाट का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। यहाँ की खूबसूरती, हरियाली, संस्कृति एक धरोहर है जिसे बचा कर रखना है। उन्होंने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन स्थलों का विकास होगा तो पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सभी पर्यटन पॉइंट तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करना होगा।

संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि  मैनपाट की अपनी प्राकृतिक छटा के कारण अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ में कुदरत की अपार आशीर्वाद है। प्राकृतिक संसाधन भरपूर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश को सुंदर बनाने का काम जारी है। 

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। मैनपाट प्रदेश के अन्य हिल स्टेशन से अलग है। यहां की जलजली और उल्टा पानी देश दुनिया मे अनूठा है। प्रदेश में पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा रायपुर से उत्तर की ओर सतरेंगा, मैनपाट और जशपुर को जोड़ा जाएगा जो पर्यटको के लिए 3 रात व 4 दिन का पूरा पैकेज होगा।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष व लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष शफी अहमद,  बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, तेल घानी बोर्ड के सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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