
रायगढ़। रायगढ़ जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेसी नेता निराकार पटेल का मंगलवार, 26 मई को दोपहर में शिव लोक वासी हो गए। वे 67 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। ग्राम धनागर निवासी निराकार पटेल अपने पीछे पत्नी, पुत्र पदमनारायण पटेल, भाई प्रभुलाल पटेल, पुत्री सहित नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
निराकार पटेल के निधन से कांग्रेस परिवार, अखिल भारतीय अघरिया समाज, उनके जिला पंचायत क्षेत्र, ग्राम धनागर और पूरे रायगढ़ अंचल में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना मिलते ही खरसिया विधायक उमेश पटेल ग्राम धनागर स्थित उनके निवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर परिजनों को ढांढस बंधाया।
अंतिम संस्कार के अवसर पर ग्राम धनागर में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, स्थानीय ग्रामीण, पारिवारिक सदस्य और इष्ट-मित्र उपस्थित रहे। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
शहीद नंदकुमार पटेल के अभिन्न साथी रहे
दिवंगत निराकार पटेल, शहीद नंदकुमार पटेल और नंदेली परिवार के अत्यंत करीबी ,विश्वस्त सहयोगियों में गिने जाते थे। दोनों नेताओं ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से की थी। नंदकुमार पटेल अपने ग्राम पंचायत के निर्विरोध सरपंच बने, वहीं निराकार पटेल भी अपने गांव से निर्विरोध सरपंच चुने गए। यहीं से दोनों की जनसेवा और संगठनात्मक यात्रा ने आगे का आकार लिया।
राजनीतिक सफर में नंदकुमार पटेल जहां सरपंच पद से आगे बढ़कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री बने, वहीं निराकार पटेल ने जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में ग्रामीण राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कांग्रेस संगठन में भी उन्होंने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
सहजता, सरलता और व्यवहारकुशलता थी पहचान
निराकार पटेल को क्षेत्र में एक सहज, सरल, मिलनसार और व्यवहारकुशल बुजुर्ग युवा जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया जाता है। ग्रामीण राजनीति से निकले होने के कारण वे आम लोगों की समस्याओं, गांवों की जरूरतों और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़े रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था और जनसंपर्क को अपनी प्राथमिकता में रखा।
उनके निधन को कांग्रेस संगठन और अघरिया समाज के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निराकार पटेल ने राजनीति को सेवा का माध्यम माना और जीवन भर सामाजिक-सार्वजनिक कार्यों से जुड़े रहे।
रायगढ़ जिला ने खोया जनसेवा का अनुभवी चेहरा
निराकार पटेल का जाना रायगढ़ जिले की ग्रामीण राजनीति के लिए एक युगीन क्षति के रूप में देखा जा रहा है। वे उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पंचायत से राजनीति की शुरुआत कर संगठन और समाज दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों में गहरा शोक है।




