
दिल्ली/रायगढ़/खरसिया। रायगढ़ जिले के कारीछापर की बेटी डॉ. मीना पटेल ने नई दिल्ली में आयोजित एनबीईएमएस के 23वें दीक्षांत समारोह में नेफ्रोलॉजी यानी किडनी रोग विशेषज्ञता में डॉक्टरेट के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले, प्रदेश और अखिल भारतीय अघरिया समाज का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि केवल एक चिकित्सक की शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल से निकली प्रतिभा के राष्ट्रीय मंच पर स्थापित होने की प्रेरक कहानी है।
समारोह को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संबोधित किया। इस अवसर पर देशभर के चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। एनबीईएमएस के इस दीक्षांत समारोह में 26,396 उम्मीदवारों को डीएनबी, DrNB, डिप्लोमा और एफएनबी की योग्यताएं प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 137 शीर्ष विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी गौरवशाली सूची में डॉ. मीना पटेल का नाम शामिल होना रायगढ़ अंचल के लिए विशेष उपलब्धि है।
डॉ. मीना पटेल ने नेफ्रोलॉजी—किडनी रोग विशेषज्ञता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा क्षेत्र में यह सम्मान प्राप्त किया है। आज जब किडनी रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब इस क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में रायगढ़ की बेटी का इस विशेषज्ञता में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त करना चिकित्सा जगत में क्षेत्रीय प्रतिभा की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि पर अखिल भारतीय अघरिया समाज इकाई खरसिया के अध्यक्ष हेमन्त कुमार पटेल, संरक्षक सदस्यों और पदाधिकारियों ने डॉ. मीना पटेल को हार्दिक बधाई दी है। समाज ने कहा कि कारीछापर जैसी धरती से निकली बेटी का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना पूरे समाज के लिए गौरव, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण है।
डॉ. मीना पटेल की सफलता उन बेटियों के लिए भी संदेश है, जो सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य देखने का साहस रखती हैं। यह उपलब्धि बताती है कि शिक्षा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर कोई भी प्रतिभा राष्ट्रीय पहचान बना सकती है।
अघरिया समाज ने विश्वास जताया कि डॉ. मीना पटेल की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को चिकित्सा, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि बेटियों की ऐसी सफलताएं केवल परिवार का सम्मान नहीं बढ़ातीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को उज्ज्वल दिशा देती हैं।



