
दुर्ग। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम समोदा–झेनझरी के मध्य स्थित खेत में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है।
पुलिस,नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), एफएसएल,आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्यवाही में लगभग 05 एकड़ 62 डिसमिल भूमि पर लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 08 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार,कार्यवाही के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे प्रकरण का खुलासा किया। इस दौरान एसडीएम, आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रारंभिक जांच में भाजपा किसान मोर्चा राइस मिल के पूर्व प्रदेश संयोजक विनायक ताम्रकार को भी गिरफ्तार किया गया है,जबकि आरोपी विकास विश्नोई के तार राजस्थान से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक,सूचना मिलने के बाद विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत में उगाए गए अफीम के पौधों को जब्त किया।
शुरुआती जांच यह संकेत देती है कि खेती सुनियोजित तरीके से की जा रही थी और इसके पीछे संगठित नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
यह कार्यवाही इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की खेती का खुलासा कम समय में करना प्रशासनिक समन्वय और खुफिया तंत्र की सक्रियता को दर्शाता है। साथ ही यह मामला क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की संभावित जड़ों की ओर भी संकेत करता है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है और आपूर्ति श्रृंखला तथा संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


