अल नीनो के बावजूद केरल पहुंचा मानसून,कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट…
देश भर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण पश्चिम मानसून ने अल नीनो की स्थितियों के बावजूद केरल में दस्तक दे दी है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश हुई है।
भारत के विभिन्न हिस्सों में इस समय
मौसम के बिल्कुल अलग और तीव्र रूप देखने को मिल रहे हैं, जिसने लोगों को भीषण और तपती गर्मी से बड़ी राहत दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उठे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है।
इसके प्रभाव से पहाड़ी राज्यों समेत मैदानी इलाकों के तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पिछले कई दिनों से चल रही चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से लोगों को निजात मिल गई है।
केरल में मानसून की दस्तक और दक्षिण में भारी बारिश
मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी नियत रफ्तार से आगे बढ़ते हुए गुरुवार, 04 जून को केरल के तट पर दस्तक दे दी है। प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Nino) की सक्रिय स्थितियों के बावजूद मानसून का यह आगमन बेहद मजबूत और स्थिर माना जा रहा है। आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, मानसूनी हवाओं का सिस्टम अब बेहद सक्रियता से देश के आंतरिक हिस्सों की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के विस्तृत इलाकों में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि शनिवार और रविवार को केरल तथा कर्नाटक के निचले महानगरीय इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा होने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में धूलभरी आंधी और वर्षा
दूसरी तरफ, उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का सीधा और बड़ा असर देखने को मिला है। शनिवार सुबह राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में अचानक घने बादल छा गए और देखते ही देखते पूरा इलाका धूलभरी आंधी की चपेट में आ गया।
इस दौरान मैदानी इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से धूलभरी और कटीली हवाएं चलीं, जिसके तुरंत बाद हल्की से मध्यम स्तर की बारिश शुरू हो गई। इस अचानक आए तीव्र तूफान और बादलों की गर्जना के साथ कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी खबरें हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आम जनता को पेड़ों के नीचे शरण न लेने और आंधी के दौरान घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की विशेष सलाह दी है।
आंधी-पानी थामने के बाद दोबारा बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप
मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद आईएमडी ने आगाह किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के राज्य अभी गर्मियों के प्रकोप से पूरी तरह मुक्त नहीं हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जैसे ही आंधी और बारिश का यह मौजूदा दौर थमेगा, उसके तुरंत बाद उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक बार फिर से पारे में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
अगले कुछ दिनों में तापमान में 03 से 05 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आ सकता है, जिससे दिन का तापमान दोबारा 34 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाएगा। हवा में उच्च आर्द्रता होने के कारण लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी और हीटवेव का सामना करना पड़ेगा, जिससे बचने के लिए लगातार हाइड्रेटेड रहने और छाछ जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।



