
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन आज नगर निगम में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश किया गया। सबसे पहले महापौर व राजस्व प्रभारी ने सदन के समक्ष अपना अभिभाषण पढ़कर सुनाया और शहर सरकार द्वारा किये गए विकास कार्यों की जानकारी दी। अपने अभिभाषण में मेयर श्रीमती काटजू ने कहा कि नगर पालिक निगम की चतुर्थ परिषद के कार्यकाल के तृतीय बजट वित्त वर्ष 2022-23 का आज सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2021-22 का लगभग आधा कार्यकाल कोविड 19 की चुनौतियों से जूझता रहा। कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण निगम की राजस्व वसूली भी प्रभावित हुई। इसके बावजूद 2021-22 में प्राप्त की गई उपलब्धियों और 2022-23 के अनुमानित लक्ष्य के संबंध में सदन में जानकारियां उपलब्ध कराते हुए उन्होंने कहा कि कोविड 19 की द्वितीय लहर के दौरान लगाए गए लॉकडाउन में महापौर निधि, पार्षद निधि और सीएसआर मद से 110 लाख रुपये का खाद्यान्न सामग्रियों का वितरण नगर के जरूरतमंद परिवारों के मध्य किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर दवाओं का छिड़काव करवाया गया। इसके अलावा छग शासन की महत्वपूर्ण योजना गोधन न्याय योजना अंतर्गत निगम क्षेत्र के चार एसएलआरएम सेंटर ट्रांसपोर्टनगर, विनोबनगर, पंजरीप्लान्ट और आशीर्वादपुरम में गोबर खरीदी सेंटर प्रारम्भ किया गया।
इन सेंटरों पर वर्तमान स्थिति में 9984.31 क्विंटल गोबर क्रय कर 19 लाख 96 हजार 862 रुपये का भुगतान पशुपालकों को किया गया है। क्रय किये गए गोबर से वर्मी खाद तैयार कर 2117.96 क्विंटल खाद विक्रय किया गया है, जिससे कुल 6 लाख 66 हजार 163 रुपये प्राप्त हुये हैं। विक्रय से प्राप्त राशि से 6 लाख 10 हजार 360 रुपये का वितरण इस कार्य में संलग्न महिला समूहों को किया गया है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रयास है। पूर्व से नगर निगम द्वारा विभिन्न मदों की दुकानें व भवन शासकीय भूमि पर निर्मित कर दिए गए हैं, जिनका स्वामित्व नगर निगम को प्राप्त नहीं हो पाया था, ऐसे स्थलों का चिन्हांकन कर भूमि आवंटन निगम के पक्ष में करने की पहल की गई और 8 स्थानों पर निर्मित दुकानें, 4 सामुदायिक भवन व 1 एसएलआरएम सेंटर की भूमि का आवंटन निगम के पक्ष में कराया गया है। निगम की रिक्त पड़ी दुकानों जो नीलामी अथवा प्रीमियम पर नहीं जारी हैं, उन्हें शासन से अनुमति प्राप्त कर न्यूनतम किराये पर आबंटन की कार्रवाई की जाएगी जिससे संपत्ति की देखरेख हो सके और आय निगम को प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है जिसमें वर्तमान तक 102431 मरीजों का उपचार किया गया है। 19386 मरीजों का विभिन्न प्रकार का टेस्ट भी किया गया है। इसी तरह राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना अंतर्गत 2021-22 में 113 हितग्राहियों को 22.60 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। श्रद्धांजलि योजना अंतर्गत वर्तमान तक 649 हितग्राहियों को 18.86 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। वर्ष 2021-22 में 160 हितग्राहियों का इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्ध अवस्था पेंशन, 113 हितग्राहियों को विधवा पेंशन, 4 हितग्राहियों को दिव्यांग पेंशन, 69 हितग्राहियों को सुखद सहारा पेंशन और 24 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों के रुकने अथवा विश्राम करने के उद्देश्य से केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड में प्रथम तल पर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन मद से आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया है। जिसमें सीढ़ी का निर्माण अंतिम चरण में है। आगामी माह तक यह जनता को समर्पित करने का प्रयास किया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2021-22 में अधोसांरचना मद के अंतर्गत 482.18 लाख से सड़क, नाली, पुल-पुलिया निर्माण कराया गया है जिसमें प्रमुख रूप से बंधनी नाला पर पुलिया निर्माण और मोदी नगर में आरसीसी नाला निर्माण है जिससे क्षेत्र के निवासियों को वर्षा ऋतु में आवागमन की परेशानी और जल भराव की स्थिति से राहत मिलेगी। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भी पार्षदगण से प्राप्त सुझाव को सम्मिलित करते हुए अधोसांरचना मद अंतर्गत 4632 लाख का प्रावधान रखा गया है। बजट में प्रावधानित राशि से संजय मार्केट उन्नयन कार्य, खर्राघाट ब्रिज से केलो ब्रिज तक सीसी सड़क मरम्मत, त्रिमूर्ति केलो ब्रिज से सीजीएम ऑफिस तक सड़क मरम्मत, खर्राघाट ब्रिज से 9 एमएलडी इंटकवेल तक सड़क मरम्मत, पॉलिटेक्निक कालेज से बोईरदादर चौक तक सड़क मरम्मत और 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट से गोवर्धनपुर पुलिया तक सड़क निर्माण के कार्यों की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है।
महापौर ने कहा कि साफ सफाई व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये 2020-21 में किये गए सामूहिक प्रयास का यह प्रतिफल रहा है कि नगर निगम रायगढ़ को स्टार रेटिंग, स्वच्छता सर्वेक्षण और सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भारत सरकार से अवार्ड प्राप्त हुए हैं और ओडीएफ प्लस प्लस का सर्टिफिकेट भी मिला है। परिषद के सहयोगी साथियों व नगरवासियों के सहयोग से वर्ष 2022 के सर्वेक्षण में भी रायगढ़ उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा यह आशा करती हूं। राज्य प्रवर्तित योजना के घटक सरोवर धरोहर योजना के अंतर्गत मि_ूमुड़ा तालाब के लिए शासन से 61 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। स्वीकृति अनुसार कार्य प्रारंभ कराया जा चुका है जिसे वित्त वर्ष 2022-23 में पूर्ण कराया जाएगा। अंत में मेयर ने कहा कि अपेक्षा है कि कंधे से कंधा मिलाकर आपसी सहयोग व सामंजस्य के साथ नगर विकास में अपना योगदान देकर नवा रायगढ़ सुघ्घर रईगढ़ की परिकल्पना को साकार करेंगे। इस अवसर पर महापौर ने स्वच्छता दीदियों के लिए ग्रुप बीमा कराए जाने की भी घोषणा की।
पम्पिंग स्टेशन के चलते एसटीपी की लागत 6.77 करोड़ तो अमृत मिशन की 10.80 करोड़ बढ़ी
अपने अभिभाषण के दौरान महापौर ने अमृत मिशन योजना अंतर्गत जल प्रदाय योजना व सीवरेज परियोजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने बताया कि जल प्रदाय योजना के तहत 32 एमएलडी क्षमता का नया जल उपचार संयंत्र का निर्माण गोवर्धनपुर में पूर्ण किया जाकर 8 माह से जल उपचारित करना प्रारंभ कर दिया गया है। 5 नई उच्च स्तरीय पानी टंकी विजयपुर, बरमुड़ा, कृष्णापुर, ट्रांसपोर्टनगर व सहदेवपाली में बनाया जा चुका है। योजना अंतर्गत 355 किमी पाईपलाईन बिछायी जा चुकी है, जिसमें जल प्रदाय शुरू कर दिया गया है। 26837 कनेक्शन का लक्ष्य पूर्ण किया जा चुका है। कार्य के दौरान पाईपलाईन विस्तार, अतिरिक्त चेंबर वाल निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग से मार्ग क्रासिंग की अनुमति, सीएसईबी से विद्युत कनेक्शन आदि कार्य स्वीकृत परियोजना के अतिरिक्त लिए जाने के कारण लागत मूल्य में 10.80 करोड़ की वृद्धि हुई है जिसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। इसी तरह एसटीपी के तहत दो स्थलों पर 7 एमएलडी व 25 एमएलडी सीवर उपचार संयंत्र प्रस्तावित था, जिसमें 25 एमएलडी एसटीपी बांझीनपानी का कार्य पूरा कर लिया गया है और सीवर ट्रीटमेंट के लिए बैक्टीरियल कल्चर प्रारम्भ कर दिया गया है। 7 एमएलडी एसटीपी का सिविल मैकेलिकल कार्य पूर्ण है और विद्युत विभाग से सेफ्टी क्लीयरेंस प्रक्रिया में है। नए शनिमंदिर के पास प्रावधानित प्रस्ताव में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन का प्रावधान रेलवे ब्रिज होने के कारण योजना के मध्य में प्रावधानित करने के कारण पम्पिंग स्टेशन का कार्य विलम्ब से प्रारंभ हुआ जोकि अतिशीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। 25 व 7 एमएलडी प्लांट के लिए सीवरेज पाईप के मार्ग में रेलवे की भूमि आने के कारण अनुमति शुल्क व रेलवे के अनुमति के अनुसार एक अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन का निर्माण कराये जाने के कारण एसटीपी परियोजना में 6.77 करोड़ की वृद्धि हो रही है। एसटीपी परियोजना के अंतर्गत अद्यतन 56.21 करोड़ व्यय किये जा चुके हैं। सदन में यह जानकारी भी दी गई कि अमृत मिशन के तहत जलापूर्ति सुचारू होने के बाद वर्तमान में सबमर्सिबल पम्पों से की जा रही जलापूर्ति को आवश्यकतानुसार बन्द किया जाएगा जिससे सबमर्सिबल पम्पों के संधारण व विद्युत व्यय में कमी आने से अन्य कार्य के लिए निगम में राशि उपलब्ध हो सकेगी।
एमआईसी प्रभारी ने पढ़कर सुनाया बजट में किया प्रावधान
महापौर के अभिभाषण खत्म होने के बाद सभापति जयंत ठेठवार ने जानकारी ने जानकारी दी कि आज भाजपा के पार्षद व उप नेता प्रतिपक्ष श्रीनू राव के पिता का निधन हो गया है और शाम 4 बजे उनकी अंतिम यात्रा है। ऐसे में अगर सभी जनप्रतिनिधि एक राय हों तो बजट को संक्षिप्त में पढ़कर इसे समझ लें ताकि जल्द से जल्द सदन की कार्रवाई पूरी हो और सभी अपने साथी के शोक में शामिल हो सकें। इस पर सभी ने अपनी रजामंदी दे दी जिसके बाद महापौर के कहने पर एमआईसी प्रभारी भगत ने बजट के कापी को पढ़कर सुनाया और बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तैयार किये गए बजट में किये गए प्रावधानों में अनुमानित राजस्व आय 6696.50 लाख, राजस्व व्यय 6489.60 लाख, बचत-अधिकता 206.90 लाख, पूंजीगत आय 22700 लाख, पूंजीगत व्यय 280.32 लाख का प्रावधान रखा गया है। इस तरह यह बजट लाभ का बजट है, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
ताली बजाने लायक बजट पेश नहीं किया आपने-सुभाष
महापौर के अभिभाषण के बाद भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुभाष पांडेय ने कहा कि किसी भी शहर के विकास का आईना वहां का बजट होता है। सभी को साल भर इसका इंतजार होता है। शहरवासी जानना चाहते हैं कि शहर सरकार नगर हित में क्या करने जा रही है, उनके लिए क्या नया लाया गया है किंतु पिछले साल की तुलना में अभी आय-व्यय कम दर्शाया गया है। इसलिए यह जानना भी जरूरी है कि आखिर 2021- 22 के बजट से किन प्रावधानों को विलोपित किया गया है और क्यों हटाये गए हैं क्योंकि इससे सीधे विकास कार्य पर प्रभाव पड़ेगा। श्री पांडेय ने कहा कि आपने अपने घोषणा पत्र में वायदा किया था कि मध्यम वर्गीय लोगों को सम्पत्तिकर में 50 प्रतिशत छूट दिया जाएगा। ऐसी घोषणाओं के अमल का समय कब आएगा। इसका निर्णय किसे करना है, क्योंकि बजट में तो इसका अभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि आपने ताली बजाने के लायक बजट पेश नहीं किया है। महिला कामकाजी हॉस्टल यहां के लिए जरूरी है, पिछले साल भी इसके लिए राशि का प्रावधान था, जगह भी चिन्हांकित है, क्या कारण है कि निर्माण करने में आप असमर्थ हैं। कोरोना में बंद दुकानों को नोटिस देकर टैक्स वसूला जा रहा है।
शहर सरकार को उनसे कोई सरोकार नहीं है। सियान भवन, प्रेस क्लब अब तक नहीं बन पाए हैं। सबसे जनहितकारी सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर क्षेत्रीय पार्षद केवड़ाबाड़ी के सेंटर नहीं बनने देना चाहते हैं तो और भी कई रिक्त भवन हैं वहां इसे स्थापित करें मगर नगर निगम इसको लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इस पर अपने जवाब में मेयर श्रीमती जानकी ने बताया कि कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिये 25 लाख की स्वीकृति एमआईसी ने दे दी है। 1.75 करोड़ शासन से आना है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। रही बात सम्पत्तिकर में छूट देने की तो इसके लिए केंद्र सरकार से पत्राचार किया गया था मगर यहां से जवाब आया है कि नगर निगम इसके लिए सक्षम नहीं है।
सम्पत्ति कर में कोई वृद्धि नहीं, वसूली पर देना होगा जोर
बजट पर चर्चा के बाद सदन के समक्ष दूसरा विषय रखा गया जिसमें शासन के आदेशानुसार इस साल संपत्ति कर में किसी भी प्रकार की बढ़ोत्तरी नहीं किये जाने के प्रस्ताव पर सभी ने स्वीकृति की मुहर तो लगा दी मगर नगर निगम को राजस्व की वसूली पर विशेष जोर देने के लिए कहा। भाजपा पार्षदों ने कहा कि जैसा कि इस साल देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम सालभर में लक्ष्य का आधा भी वसूली करने में सक्षम नहीं रहा। यह स्थिति ठीक नहीं है। यहां देखा जाता है कि अगर कोई सामान्य आदमी टैक्स जमा करने यहां पहुंचता है तो उसे पहले का रसीद दिखाने की बात कही जाती है, ऐसे में वह वापस चला जाता है और फिर टैक्स जमा करने के लिए पहुंचता ही नहीं क्योंकि नगर निगम में दस्तावेज ही दुरुस्त नहीं हैं। एमआईसी सदस्य सलीम नियारिया ने कहा कि नजूल में मकान बनाकर रहने वालों से भी टैक्स वसूलना चाहिए। इसके अलावा केवल आम आदमी पर टैक्स जमा करने के लिए बरती जानी वाली सख्ती पर भी पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि बड़े बकायादारों पर सख्ती क्यों नहीं की जाती। खासकर जेएसपीएल पर करोड़ों का बकाया होने के बाद भी नोटिस तक जारी नहीं की जा रही है।
संजय मार्केट उन्नयन का मार्ग आखिरकार हुआ प्रशस्त
विशेष सम्मेलन के अंत में 1328.67 लाख रुपये की लागत से होने वाले संजय मार्केट उन्नयन कार्य के लिए कोरबा के ठेकेदार जेपी कंस्ट्रक्शन के दर 4.90 प्रतिशत अधिक एसओआर पर चर्चा की है। इसमें भाजपा पार्षदों में किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं की और हरी झंडी दे दी मगर उससे पहले सदन के समक्ष संजय काम्पलेक्स को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट करने व जानकारी देने की मांग की। भाजपा पार्षदों ने कहा कि यह क्लीयर करें कि इसमें न्यायालय की क्या स्थिति ही, श्याम बगीची वाली जमीन इसमें शामिल है कि नहीं, अन्य व्यवसायियों के लिए क्या स्थिति है, पार्किंग, फायर सेफ्टी की क्या व्यवस्था है ताकि संजय मार्केट में बरसों से पसरा लगा रहे लोगों को न्याय मिल सके। यही चबूतरा ज्यादा है और हितग्राही कम तो सरप्राईज वीडियोग्राफी कर हितग्राहियों का चयन करें। निर्माण के बाद आवंटन मेम पारदर्शिता बरती जाए। यह सुनिश्चित हो कि एक परिवार के एक सदस्य को पसरा, दुकान मिले, 10 को लाभ न मिल सके ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। इस पर नगर निगम के उपायुक्त सुतीक्षण यादव ने सदन के समक्ष जानकारी दी कि संजय मार्केट का हाईकोर्ट में कई साल तक प्रकरण चला।
3 दिसंबर 2020 को हाईकोर्ट ने नगर निगम को अपनी प्लानिंग शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करने के आदेश दिए, जिस पर आवंटन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई कि व्यवस्थापन के बाद लागत मूल्य व मासिक किराया लिया जाएगा। निर्माण होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करके दी जाएगी। 2 साल के अंदर यथासंभव निर्माण पूर्ण कर निर्माण मूल्य लेकर आवंटन शुरू किया जाएगा। एक हितग्राही को एक से अधिक पसरा आवंटित नहीं होगा। पसरे छोटे-बड़े हो सकते हैं मगर आवंटन का पूरा अधिकार नगर निगम का होगा। आवंटन लॉटरी सिस्टम से होगा। इसमें श्याम बगीची वाली भूमि में भी निर्माण शामिल है। यह जमीन निगम के नाम दर्ज हो चुकी है। श्याम मंडल ने राजस्व न्यायालय में आवेदन दिया था जो कि खारिज हो चुका है। हालांकि इसके बाद श्याम मंडल हाईकोर्ट चला गया है। ऐसे में भाजपा के पार्षदों ने कहा कि चूंकि उस जगह का उपयोग शहर के ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मनाने को लेकर किया जाता है तो ऐसी व्यवस्था हो कि हर साल आयोजन के समय श्याम मंडल को जगह भी उपलब्ध हो जाये ताकि शहर की धार्मिक परंपरा भी जारी रहे। इस पर ईई नित्यानंद उपाध्याय ने बताया कि श्याम बगीची में अतिरिक्त पसरे लगाने की प्लानिंग है। इसमें आगे सहूलियत के हिसाब से निर्णय लिया जा सकता है।
1 घण्टा 10 मिनट विलम्ब से काफिले के साथ पहुंची मेयर
नगर निगम में आज विशेष सम्मेलन सह बजट सत्र का समय सुबह 11 बजकर 30 मिनट तय किया गया था। भाजपा व कांग्रेस के अधिकांश पार्षद व सभापति तो समय में सदन पर पहुंच गए थे मगर महापौर श्रीमती जानकी अमृत काटजू नहीं पहुंच सकी थीं। करीब 12 बजकर 10 मिनट पर वे अपने कक्ष से हाथ में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का लोगो वाला सूटकेस लिए अपने काफिले के साथ सदन में पहुंची। इसके बाद ही कहीं जाकर सदन की कार्रवाई प्रारम्भ हुई।
बजट में शामिल किए प्रमुख प्रावधानों पर एक नजर
सियान सदन, मल्टी लेवल पार्किंग, महिला सामुदायिक शौचालय, नवीन कार्यालय भवन निर्माण, कामकाजी महिला हॉस्टल, शहर सौंदर्यीकरण, मोहल्ला क्लीनिक, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा व योगा भवन की स्थापना, सेंट्रल लाइब्रेरी, ओपन जिम, डॉग हाउस, प्रेस क्लब, खेल मैदान, चांदनी चौक रोड चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, गोकुल नगर, बस स्टैंड निर्माण, बड़े नालों का चौड़ीकरण व सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण, हीरा पारा मंगलभवन, केलो नदी सफाई व सौंदर्यीकरण, छठ घाट जूटमिल, मंगल भवन जूटमिल, छातामुड़ा चौक सौंदर्यीकरण, चक्रधरनगर क्षेत्र में मंगल भवन, चक्रधरनगर क्षेत्र में ऑक्सीजोन, मालीडिपा तालाब सौंदर्यीकरण, व्यापारिक काम्पलेक्स, श्मशान घाट ईशानगर, स्लाटर हाउस आदि के लिए भी राशि का प्रावधान रखा गया है। हालांकि इसमें स्व अधिकांश योजनाएं पुरानी हैं जिन्हें पिछले बजट में भी शामिल किया गया था मगर उस पर कोई काम नहीं हो सका।







