हाथरस मामले में बोले दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल- पहले वहशियों ने फिर सिस्टम ने किया बलात्कार

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप के बाद पीड़िता की मंगलवार को दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। जिससे देशभर में राज्य सरकार और पुलिस के प्रति गुस्सा है। विपक्ष लगातार सरकार के रवैय पर निशाना साध रहा है और तीखे सवाल पूछ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग जमकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं और पीड़िता को दूसरी निर्भया कहकर दुख व्यक्त कर रहे हैं। पीड़िता की मौत पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया है।
‘पूरा प्रकरण बेहद पीड़ादायी’
अपने ट्वीट में केजरीवाल ने कहा है, ‘हाथरस की पीड़िता का पहले कुछ वहशियों ने बलात्कार किया और कल पूरे सिस्टम ने बलात्कार किया। पूरा प्रकरण बेहद पीड़ादायी है।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘हाथरस की पीड़िता की मौत पूरे समाज, देश और सभी सरकारों के लिए शर्म की बात है। बड़े दुःख की बात है कि इतनी बेटियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं और हम अपनी बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे। दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिलनी चाहिए।’
मनीष सिसोदिया- बलात्कारी मानसिकता का प्रतीक
वहीं दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है, ‘उत्तर प्रदेश में कल रात पुलिस ने जिस तरह पीड़िता का अंतिम संस्कार किया वह भी बलात्कारी मानसिकता का ही प्रतीक है। सत्ता, जाति और वर्दी के अहंकार के आगे इंसानियत तार तार हो रही है।’ पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उनकी मर्जी के बिना पुलिस ने उनकी बेटी का अंतिम संस्कार किया है। इसपर हाथरस पुलिस ने कहा है कि, ‘सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर फैलायी जा रही है कि “थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका के शव का अंतिम संस्कार बिना परिजनों की अनुमति के पुलिस ने जबरन रात में करा दिया हैं।” हाथरस पुलिस इस असत्य एवं भ्रामक खबर का खंडन करती है।’

पीएम मोदी ने की सीएम योगी से बात
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा है, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हाथरस की घटना पर वार्ता की है और कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।’ एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘हाथरस में बालिका के साथ घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषी कतई नहीं बचेंगे। प्रकरण की जांच हेतु विशेष जांच दल का गठन किया गया है। यह दल आगामी सात दिवस में अपनी रिपोर्ट देगा। त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।’




