
कनकतुरा/चपले: ओडिशा से जबलपुर की ओर अग्रसर अपनी आध्यात्मिक यात्रा के मध्य, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की उपस्थिति ने कनकतुरा स्थित श्री श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण को श्रद्धा और भक्ति के सौम्य आलोक से आलोकित कर दिया। प्रतिष्ठा समारोह में उनकी सहभागिता,श्रद्धालुओं के लिए आशीर्वचन और आत्मिक ऊर्जा का सजीव स्रोत बन गई।
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यात्रा की निरंतरता में चपले का अल्प प्रवास एक भावनात्मक विराम जैसा रहा, जहाँ उन्होंने गेंद लाल श्रीवास सहित

अपने आत्मीय जनों और धर्मबंधुओं से स्नेहपूर्ण संवाद स्थापित किया। यह मिलन समय के उस प्रवाह को पुनर्जीवित करता प्रतीत हुआ,

जिसमें पूर्व कथाओं की स्मृतियाँ आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में स्पंदित हैं।

गुरु और श्रद्धालु के बीच का यह संवाद, आस्था की निरंतरता को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

वृंदावन धाम के गौरी-गोपाल आने का आमंत्रण,श्रद्धालुओं के भीतर एक नई आध्यात्मिक आकांक्षा का संचार करता दिखाई दिया।
चपले में कथावाचक का संक्षिप्त प्रवास, श्रद्धालुओं से स्नेहिल भेंट
पवन ग्राम चपले में प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का अल्प समय के लिए आगमन हुआ। कनकतुरा में आयोजित श्री श्री जगन्नाथ मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता के बाद जबलपुर वापसी के दौरान चपले पहुंचे।
इस संक्षिप्त प्रवास के दौरान उन्होंने स्थानीय स्नेहीजनों से भेंट कर आत्मीय संवाद किया।

श्री अग्रसेन रेस्टोरेंट में https://share.google/5f5Jm1bbbvsJ9M6ST


