हाथी ने छह ग्रामीणों के घरों को तोड़ा…फसलों को पहुंचाया नुकसान…आतंक मचा रहे जंगली हाथी

फिलहाल यह हाथी परमेश्वरपुर में तीन चार दिनों से डेरा जमाए हुए है तथा लगातार उत्पात मचा रहा है। दो दिन पहले उसने सोमारसाय के घर को क्षतिग्रस्त किया था और रविवार की रात एक साथ छह घरों को क्षतिग्रस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रविवार की रात डेढ़ बजे के करीब हाथी फिर से खरसोता बस्ती में पहुंच गया था और अनाज खाने के चक्कर में अतवारी, कृपाशंकर सिंह, कृष्णदेव सिंह, पवन साय, रामप्यारी व शिवलाल के घरों को तोड़ने के साथ साथ अंदर रखा अनाज भी खा गया और सामानों को भी नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि जब घरों को तोड़ रहा था तब सभी ग्रामीण अपने घरों में ही सो रहे थे।
जिसकी ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई और फलस्वरूप उन्हें आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ा। जबकि गांवों के नजदीक अक्सर विचरण करने वाले जंगली हाथियों की सूचना देने का कार्य वन विभाग का है। प्रतापपुर क्षेत्र के ग्रामीण कई बार हाथी के खौफ से निजात दिलाने शासन प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं और इस बार भी लगा रहे हैं। पर अभी तक शासन प्रशासन ग्रामीणों को राहत देने कोई ठोस पहल नहीं कर सका है।
इन गांवों में हाथी का है आतंक
हाथी प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम करसी, परमेश्वरपुर, मसगा, सोनपुर, टुकूडांड़, धरमपुर, सिंघरा, करंजवार, सरहरी व दरहोरा के साथ साथ घुई तथा रामकोला वन परिक्षेत्र में ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुक़सान पहुंचाने के साथ ही कई ग्रामीणों को मौत के घाट उतार चुका है। अब तक वन विभाग प्यारे हाथी की दहशत को कम करने कोई ठोस रणनीति नहीं बना पाया है।




