
रायगढ़ से मालगाड़ी लेकर रवानगी के 9 घंटे में भी मेमो जारी नहीं हुआ, जबकि पूर्वान्ह 11 बजकर 20 मिनट में वे नैला स्टेशन पहुंच गए थे। चिलचिलाती गर्मी से बेहाल लोको पायलट और उसके साथी के सब्र का बांध फूटते ही उन्होंने नैला में मालगाड़ी को छोड़ते हुए आगे ले जाने से इंकार कर दिया तो रेलवे अधिकारियों ने रामेश्वर सिंह तथा एसी प्रकाश को निलम्बित कर दिया गया। फिर क्या, ड्यूटी के दौरान अपने दो साथियों पर निलंबन की तलवार गिरने का आदेश जारी होते ही लोको पायलट्स एकजुट हुए और सोमवार दोपहर क्रू लॉबी में धावा बोल दिया। लोको पायलट्स का कहना है कि रायगढ़ से मालगाड़ी लेकर बिलासपुर जा रहे उनके दोनों साथियों को रेलवे द्वारा निर्धारित 7 घंटे के भीतर मेमो जारी होता तो वे नैला में नहीं रुकते,बल्कि आगे भी जाते।
वहीं,अधिकारियों का तर्क था कि जब तक रिलीवर नहीं आता, तब तक मालगाड़ी को खड़ी नहीं छोड़ सकते। यही वजह रही कि दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलने पर वातावरण में तनाव का जहर घुला तो संभावित अप्रिय स्थिति को देख क्रू लॉबी में रेलवे पुलिस भी पहुंची। फिलहाल, लोको पायलटों का कहना है कि उनके साथियों का निलंबन आदेश रद्द कर उनको सम्मानपूर्वक नौकरी पर रखा जाए, अन्यथा आगे भी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।



