
खरसिया। परिस्थितियों से लाचार एक अधेड़ उम्र की मां ने अपने 2 माह के शिशु के साथ अपना घर बार छोड़ दिया और 3 दिनों से दरबदर भटक रही थी। वहीं ग्राम मकरी के युवाओं ने जब उन्हें देखा तो अपना मानव धर्म निभाते हुए सकुशल उन्हें अपने घर पहुंचाया।
ग्राम मकरी के निवासी विकास पांडेय, केसर राठौर, चंद्रमणि राठौर ने रविवार की रात्रि लगभग 10:00 बजे एक महिला को 2 माह के शिशु के साथ रास्ते में भटकते देखा। तब उन्होंने उनसे इस तरह देर रात अकेले घूमने का कारण पूछा। परंतु परिस्थितियों से परेशान तथा कुछ मानसिक रूप से व्यथित महिला किसी प्रकार का जवाब नहीं दे पाई। ऐसे में युवाओं ने प्रथम उन्हें अपने घर ले जाकर भोजन-पानी आदि का इंतजाम किया। तीन दिनों से भूखी प्यासी माँ ने जब कुछ खाया-पिया तब जाकर वह कुछ बताने की स्थिति में आई, फिर सिर्फ यह बताया कि वह ग्राम बांधापाली की रहने वाली हैं। जागरूक युवाओं ने प्रथम छाल बांधापाली में महिला की तस्वीर भेजकर जानकारी प्राप्त की। परंतु वह महिला वहां की नहीं थी। ऐसे में पुनः युवाओं ने जांजगीर जिले के उचपिण्डा बांधापाली के सरपंच से सुनिश्चित किया। पता चला कि वह महिला अपनी पारिवारिक परिस्थितियों से परेशान तथा पति की उपेक्षा से त्रस्त होकर पिछले 3 दिनों से अपने 2 माह के शिशु को लेकर गांव-गांव पैदल ही भटक रही थी। ऐसे में आरक्षक चंद्रसिंह राठिया एवं 112 के चालक संजय पटेल के सहयोग से शिशु सहित माता को सकुशल घर पहुंचाया गया। इस नेक कार्य की हर कोई मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहा है। वहीं यह कार्य अन्य युवाओं को प्रेरणा दे रहा है कि परेशान हाल में देखकर लोगों की तथा अन्य प्राणियों की मदद अवश्य करनी चाहिए। यही मानवता है।




