
रायगढ़।औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध कबाड़ परिवहन और भंडारण पर शिकंजा कसा है। पूंजीपथरा पुलिस की एक दिन में की गई 8 अलग-अलग कार्यवाहियों में करीब 134 टन स्क्रैप,02 टन से अधिक मैग्नीज मेटल और पाईलेट लोहे की सामग्री जप्त की गई।
पुलिस ने 06 ट्रक और 01 माजदा वाहन भी जब्त किए हैं। जप्त कबाड़ की अनुमानित कीमत 50 लाख 75 हजार रुपये तथा वाहनों की कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल करीब 01 करोड़ 15 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस के कब्जे में ली गई है।
कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में की गई।
पुलिस के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में चोरी और अवैध कबाड़ के कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी। इसी क्रम में पूंजीपथरा थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और अवैध परिवहन की जानकारी जुटाई।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार चौक, पूंजीपथरा चौक, दावत ढाबा के सामने मेन रोड और महुआ चौक तुमीडीह क्षेत्र में घेराबंदी कर कार्रवाई की। यहां से 6 ट्रक और 1 माजदा वाहन पकड़े गए, जिनमें मशीनरी पार्ट्स, एंगल, छड़ और अन्य स्क्रैप सामग्री बड़ी मात्रा में लोड थी।
वाहन चालकों से परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। संदेह के आधार पर पुलिस ने वाहनों सहित स्क्रैप को जप्त कर वजन कराया और संबंधित आरोपियों के विरुद्ध धारा 35(क)(ड) BNSS तथा 303(2) BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
मिनी राइस मिल में भी छापा

कार्यवाही के दौरान पुलिस ने मुखबिर सूचना पर पूंजीपथरा स्थित एक मिनी राइस मिल में भी छापेमारी की। यहां प्रियंक देवांगन उर्फ मिनी (43 वर्ष) को मौके पर पाया गया।
जांच में पुलिस को वहां से
मैग्नीज मेटल की 43 बोरियां (करीब 1290 किलो)
पाईलेट गोली लोहे की 57 बोरियां (करीब 2.28 टन)
बरामद हुईं। इनकी कुल कीमत करीब 76,560 रुपये बताई गई। क्रय-विक्रय से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सामग्री को जप्त कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई।
कई राज्यों के वाहन चालक शामिल
जप्त किए गए वाहनों के चालकों में ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस का अनुमान है कि यह स्क्रैप औद्योगिक इकाइयों से चोरी कर स्थानीय प्लांटों में खपाने की तैयारी थी।
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध अलग-अलग इस्तगासा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
औद्योगिक क्षेत्र में कबाड़ चोरी की चुनौती
रायगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से मशीनरी पार्ट्स, लोहे और स्क्रैप की चोरी एक बड़ी समस्या रही है। चोरी की सामग्री अक्सर कबाड़ के रूप में स्थानीय या बाहरी नेटवर्क के माध्यम से खरीदी-बेची जाती है।
पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में चोरी, अवैध परिवहन और रिसाइक्लिंग चैन जुड़े होते हैं, जिससे औद्योगिक इकाइयों को आर्थिक नुकसान होता है और संगठित अपराध को बढ़ावा मिलता है।
रायगढ़ पुलिस का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत चोरी के कबाड़, अवैध स्क्रैप परिवहन और चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों पर लगातार कार्यवाही जारी रहेगी।
उनके अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली चोरी और अवैध कबाड़ कारोबार पर पुलिस की कड़ी निगरानी है और ऐसे मामलों में किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अब जप्त स्क्रैप की मूल स्रोत और संभावित चोरी की घटनाओं से कड़ी जोड़ने की जांच कर रही है। यदि सामग्री किसी औद्योगिक इकाई से चोरी की पाई जाती है तो संबंधित मामलों में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह की लगातार कार्यवाही जारी रहती है, तो औद्योगिक क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अपराधों के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल सकती है।




