देश /विदेश

ईमानदारी-परफॉर्मेंस आज की राजनीति की पहली शर्त, यहां भी चाहिए मजबूत CV, पढ़ें पीएम मोदी का पूरा संबोधन

दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद समारोह को संबोधित करते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है. ये उपहार व्यक्तियों के निर्माण और संस्थाओं के निर्माण का है. इसकी चर्चा बहुत कम ही हो पाती है. साथ ही कहा कि स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती के ये दिन हम सभी को नई प्रेरणा देता है. पढ़िए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की 10 मुख्य बातें.

1. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती के ये दिन हम सभी को नई प्रेरणा देता है.

2. सेंट्रल हॉल हमारे संविधान के निर्माण का गवाह है. आज का ये दिन विशेष इसलिए भी हो गया है कि इस बार युवा संसद देश की संसद के सेंट्रल हॉल में हो रही है.

3. स्वामी विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है. ये उपहार व्यक्तियों के निर्माण और संस्थाओं के निर्माण का है. इसकी चर्चा बहुत कम ही हो पाती है.

4. पीएम मोदी ने कहा कि लोग स्वामी जी के प्रभाव में आते हैं, संस्थानों का निर्माण करते हैं, फिर उन संस्थानों से ऐसे लोग निकलते हैं जो स्वामी जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए नए लोगों को जोड़ते चलते हैं.

5. स्वामी जी कहते थे, पुराने धर्मों के मुताबिक नास्तिक वो है जो ईश्वर में भरोसा नहीं करता. लेकिन नया धर्म कहता है, नास्तिक वो है जो खुद में भरोसा नहीं करता.

6. ये स्वामी जी ही थे, जिन्होंने उस दौर में कहा था कि निडर, बेबाक, साफ दिल वाले, साहसी और आकांक्षी युवा ही वो नींव है जिस पर राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है. वो युवाओं पर, युवा शक्ति पर इतना विश्वास करते थे.

7. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा युवा खुलकर अपनी प्रतिभा और अपने सपनों के अनुसार खुद को विकसित कर सके इसके लिए आज एक पर्यावरण और इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है. शिक्षा व्यवस्था हो, सामाजिक व्यवस्था हो या कानूनी बारीकियां, हर चीज में इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है.

8. पहले देश में ये धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है, क्योंकि राजनीति का मतलब ही बन गया था- झगड़ा, फसाद, लूट-खसोट, भ्रष्टाचार. लोग कहते थे कि सब कुछ बदल सकता है लेकिन सियासत नहीं बदल सकती.

9. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है. ईमानदारी और परफॉर्मेंस आज की राजनीति की पहली अनिवार्य शर्त होती जा रही है.

10. जो समाज संकटों में भी प्रगति के रास्ते बनाना सीख लेता है, वो समाज अपना भविष्य खुद लिखता है. आज भारत और 130 करोड़ भारतवासी अपना उत्तम भविष्य खुद गढ़ रहे हैं.

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!