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चक्रवाती तूफान ‘निवार’ को लेकर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में HIGH ALERT, ट्रेनें कैंसिल

बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र के मंगलवार को चक्रवाती तूफान में बदलने और इसके अगले दिन तट के पास से गंभीर चक्रवाती तूफान ‘निवार’ के रूप में गुजरने की संभावना के बीच तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को हालात की समीक्षा की और जिला प्रशासनों को सतर्क रहने को कहा. सरकार ने मंगलवार से अगला आदेश आने तक जिलों के अंदर और एक जिले से दूसरे जिले तक बस सेवाएं निलंबित करने की घोषणा की. कुछ जिलों में ट्रेन सेवा भी आंशिक और पूर्ण रूप से रद्द कर दी गई.

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण पश्चिम एवं निकटवर्ती दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिमी दिशा की ओर बढ़ा और सोमवार पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर इसी क्षेत्र पर केंद्रित रहा. ये पुडुचेरी से करीब 520 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 560 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में केंद्रित रहा.

आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि इस कम दबाव के क्षेत्र के आगामी 24 घंटे में एक चक्रवाती तूफान के रूप में बदलने की संभावना है. साथ ही कहा, ”ये संभवत: पूर्व पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ेगा और इसके 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में 25 नवंबर के आसपास कराईकल और मामल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों से गुजरने का पूर्वानुमान है.”

आईएमडी ने चेतावनी दी कि इसके कारण 24 नवंबर से 26 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश/गरज के साथ बौछारें पड़ने की ”बहुत संभावना” है. इसके अलावा पुडुकोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, कराइकल, नगापट्टिनम, कुड्डालोर, अरियालुर और पेरम्बलुर, कल्लाकुरीची, पुडुचेरी, विल्लुपुरम, तिरुवन्नमलाई और चेंगलपट्टू में बुधवार और गुरुवार के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. इसी के परिणामस्वरूप नगापट्टिनम में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और मछुआरों को 26 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है.

इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक की और अपने कैबिनेट सहयोगियों एवं अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और मौसम प्रणाली के कारण हो सकने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए उचित एहतियातन कदम उठाने को कहा. उन्होंने बाद में एक बयान में कहा कि ‘निवार चक्रवात’ को लेकर समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए हर तरह से तैयार रहने, राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाने और वहां उचित प्रबंध सुनिश्चित करने समेत कई निर्देश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ के छह दल कुड्डालोर और दो दल चेन्नई में तैनात होने चाहिए. राजस्व मंत्री आर बी उदयकुमार और विद्युत मंत्री पी थंगामणि ने कहा कि उनके मंत्रालय चक्रवात के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं. एनडीआरएफ के छह दल कुड्डालूर जिले के लिए रवाना हो गए हैं और सभी जिलाधिकारियों को भारी बारिश से निपटने के लिए एहतियातन कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. उदयकुमार ने कहा कि निचले इलाकों में रह रहे लोगों को तत्काल राहत शिविरों में चले जाना चाहिए और जिन इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है, वहां लोगों को आवश्यक वस्तुओं का भंडार रखना चाहिए.

वहीं एनडीआरएफ ने चक्रवात ‘निवार’ के मद्देनजर राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए 30 दलों को तैयार किया है. ये तूफान मंगलवार से गुरुवार के बीच आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है. एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 12 दलों की पूर्व तैनाती कर दी गई है, वहीं 18 अन्य इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में तैनाती के लिए तैयार हैं.

इन दलों को प्रभावित क्षेत्रों से स्थानीय लोगों को निकालने में सहायता पहुंचाने समेत राहत और बचाव कार्यों के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए तैनात किया जाएगा. एनडीआरएफ के एक दल में कार्यों को देखते हुए करीब 35 से 45 जवान होते हैं और उनके पास पेड़ तथा खंभों को काटने की मशीनें, सामान्य दवाएं और प्रभावितों की मदद के लिए अन्य संसाधन होते हैं. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति ने सोमवार को बैठक की और तूफान के मद्देनजर अनेक उपायों पर विचार करने के साथ ही संबंधित राज्य सरकारों समेत अनेक पक्षों को प्रभावित क्षेत्रों में किसी की जान नहीं जाने देने और सामान्य स्थिति जल्द बहाल करने का निर्देश दिया.

आंध्र प्रदेश के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र तूफान में बदल सकता है और 25 नवंबर को उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र के बीच तटीय क्षेत्र को पार कर सकता है. राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त के कन्ना बाबू ने कहा कि समुद्र में लहरें तेज होंगी और मछुआरों को तीन दिन तक पानी में नहीं जाना चाहिए. पुडुचेरी प्रशासन ने भी तूफान का सामना करने के लिए बहुस्तरीय योजना तैयार की है।

वहीं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने सोमवार को अनेक विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पुडुचेरी और कराईकल में मंगलवार से बारिश हो सकती है. भारत मौसम विभाग ने कहा है कि यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के मामल्लापुर और कराईकल के बीच बुधवार को तूफान टकराने की आशंका है.

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