पावर एण्ड स्टील प्लांट ने कर्मचारियों को निकाला, भूखों मरने की नौबत… श्रमिक पहुंचे पंचायत की शरण में …

रुकमणी पावर एण्ड स्टील प्लांट ने कर्मचारियों को निकाला,भूखों मरने की नौबत… श्रमिक पहुंचे पंचायत की शरण में…

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लॉक डाउन के दौरान यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि किसी भी कामगार को बेदखल न किया जाए। साथ ही यदि काम न भी हो तब भी उसे पूरा वेतन दिया जाए। लेकिन रायगढ़ जिले के खरसिया विकास खण्ड अंतर्गत रानीसागर में स्थित रुकमणी पावर एंड स्टील प्लांट के प्रबंधन ने अपने दर्जनों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

कई दीगर राज्य के लगभग 25 श्रमिक काम से बेदखल होकर भटक रहे इधर-उधर…


आपको बता दें कि रुकमणी पावर प्लांट की ओर से कई दर्जन श्रमिकों को काम से बेदखल कर दिया गया है। लेकिन 25श्रमिक ऐसे हैं जो उड़ीसा झारखंड सहित अन्य प्रदेशों से आकर यहां काम कर रहे थे । अब इनके सामने वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और यह दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। मजदूरों के सामने स्थित यह है कि अब वह अन्य प्रदेशों में स्थित अपने घरों के लिए पलायन करने की सोच रहे हैं।
21 मार्च को सरकार की ओर से जारी हुआ था यह निर्देश
श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन, अवकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं देने के लिए नियोक्ताओं को निर्देश 21मार्च को जारी किया गया था। इस निर्देश को कंपनी प्रबंधन ठेंगा दिखा दिया है। वही पूर्व मंत्री के भाई ने 31मार्च को इन ठेका श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहा लेटर पेड …

(सोशल मीडिया में वायरल हो रहा …)
रायगढ़ कलेक्टर की ओर से जनसंपर्क विभाग ने जारी की थी यह जानकारी…
श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन, अवकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं देने के लिए नियोक्ताओं को निर्देश जारी शासन प्रशासन के निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है नोवेल कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग द्वारा समस्त नियोजक, अधिभोगी, कारखाना प्रबंधक, प्रोपाईटर, संस्था-प्रतिष्ठान को अपने संस्थान एवं स्थापना में कार्यरत कर्मचारी व श्रमिक (स्थायी, अस्थायी, ठेका)आदि को स्वास्थ्य, सुरक्षा, वेतन, भत्ता एवं अन्य सुविधाओं देने तथा उनके परिवार के सदस्यों को वैधानिक, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान के निर्देश दिए है।
यह भी निर्देश दिए गए है कि कार्यरत कर्मचारी, कर्मकार, श्रमिक आदि को सहूलियत के हिसाब से कार्य करायेें जाए और आवश्यक होने पर उनके निवास से भी कार्य करने हेतु व्यवस्था करें। यदि कोई कोरोना से पीडि़त हो तो उसके स्वास्थ्य लाभ हेतु संपूर्ण सहयोग के साथ-साथ आवश्यकतानुसार सवैतनिक अवकाश प्रदाय करें। यदि किसी कर्मचारी, श्रमिक के परिवार का कोई भी सदस्य इस बीमारी से पीडि़त हो तो उनके उपचार एवं सहयोग हेतु सवैतनिक अवकाश प्रदाय करें। साथ ही श्रमिक या कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य अन्य कारणों से भी बीमार हो तो भी उन्हें सवैतनिक अवकाश एवं अन्य सहूलियत प्रदान करें। वर्तमान माहौल के परिस्थिति में संस्थान में कार्यरत किसी भी कर्मचारी, कर्मकार, श्रमिक आदि की सेवाएं समाप्त, छटनी, सर्विस बे्रेक न करे और न ही किसी कर्मचारियों का वेतन अथवा देय स्वत्वों में कोई कटौती करें।
पूर्व मंत्री के भाई की ओर से संचालित किया जा रहा उद्योग

छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के भाई बजरंग अग्रवाल की ओर से यह उद्योग संचालित किया जाना ग्रामीणो ने बताया जा रहा है । सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन यह उद्योग प्रबंधन के द्वारा नहीं किया जा रहा हैं , इसकी दूर-दूर तक किसी को भी आशंका नहीं थी। अब जबकि उद्योग प्रबंधन की ओर से नियम कानून और सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए इस प्रकार का कृत्य किया गया है तो उस पर कार्यवाही के नाम पर प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
ग्राम पंचायत रानीसागर उपलब्ध करा रहा श्रमिकों को राशन

कंपनी की ओर से काम से बेदखल कर दिए गए मजदूर अब दर-दर भटक रहे हैं उनके सामने भोजन पानी की समस्या उत्पन्न हो गई ऐसे में ग्राम पंचायत ही एकमात्र उनका सहारा बना हुआ है ग्राम पंचायत के पंच पति ने चिंता जताया और उन्हें दो वक्त का भोजन के लिए राशन दे दिए है। सवाल यह है कि क्या अब कंपनियों के द्वारा निकाले गए कर्मचारियों की देखभाल और उन्हें भोजन की व्यवस्था पंचायत यह समाज सेवी संस्थाएं करेंगी और वह नहीं करेंगे तो क्या यह जिम्मेदारी प्रशासन उठाएगा जब नियम कानून सभी के लिए है तो पूर्व मंत्री के भाई के उद्योग को इतनी बड़ी छूट किस कारण से दी जा रही है। क्या होगा कानूनी कार्यवाही …?
वहीं प्रबन्धन की ओर यह बात आया की लेबर उनके नहीं है ठेकेदार के है।




