रायगढ़। मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार एक ओर जहां शासन-प्रशासन शिक्षकों की तैनाती और युक्तियुक्तकरण (Rationalization) की प्रक्रिया को सफल बताने में जुटा है, वहीं जमीनी हकीकत इससे इतर तस्वीर पेश कर रही है। खरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुपदेवपुर के छात्रों को कलेक्टर जनदर्शन में पहुँचकर कामर्स विषय के शिक्षक की मांग करनी पड़ी।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में लंबे समय से कामर्स शिक्षक की अनुपलब्धता से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पढ़ाई को लेकर चिंतित छात्र कलेक्टर जनदर्शन में अपनी बात रखने पहुंचे। और छात्रों ने अपनी समस्या को विस्तार से बताते हुए शिक्षक नियुक्त करने की गुहार लगाई।
हालांकि इस मुद्दे परआश्वासन तो दिया, लेकिन मीडिया से बातचीत न करने की नसीहत भी दी गई। सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस समस्या को सार्वजनिक होने से क्यों रोकना चाहता है? क्या जिम्मेदारों को शिक्षा व्यवस्था की खामियों को छिपाने की चिंता है?
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि जब छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह स्पष्ट संकेत है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में गहरी खामियां हैं। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के भुपदेवपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में कामर्स जैसे विषयों की पढ़ाई के लिए शिक्षक की अनुपस्थिति न सिर्फ बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि शासन की प्राथमिकता पर भी सवाल खड़े करता है।
सम्बंधित अधिकारियों से अपील की जाती है कि जल्द से जल्द भुपदेवपुर विद्यालय में कामर्स शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।



