

दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने प्राईवेट यात्री बसों में 50 प्रतिशत यात्री का आदेश जारी किया है, जबकि बस मालिक 65 फीसदी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। और यही बस परिचालन बंद करने के पीछे की असल वजह है जो प्रशासन के 50 परसेंट के आदेश के कारण गाडिय़ों का नाम मेंटेनेंस तक नही करा पा रहे हैं और ना ही उन्हें कोई मुनाफा हो रहा है। इसके कारण बस मालिकों ने अपनी गाडिय़ों को खड़ा कर दिया है। इसके अलावे खराब सड़कों की वजह से गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस चालकों को दोहरा टाईम लग रहा है और मेंटेनेंस का भी अभाव है। इसके कारण दो रूटों के 42 बसों को खड़ा कर दिया गया है।
जानकारों की मानें तो रायगढ़ जिले से होकर अंतर जिला और अन्य ब्लॉकों में चलने वाली 42 प्राइवेट यात्री बसों को खड़ा कर दिया गया है, जिसके कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें रायगढ़ से घरघोड़ा होते हुए धर्मजयगढ़ से पत्थलगांव चलने वाली 22 बसें और सारंगढ़ रुट के 20 बसों के पहिए थम गए हैं। इसके कारण बस यात्रियों को अब सफर करने के लिए भारी झंझावतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय रायगढ़ से होकर घरघोड़ा धरमजयगढ़ पत्थलगांव तक चलने वाले रूट के 22 यात्री बसें बंद है, जबकि सारंगढ़ रूट में चलने वाले 20 बसों के मालिकों ने अपनी गाडिय़ों को खड़ा कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि राज्य शासन ने खरसिया से लेकर पत्थलगांव तक की सड़कों का उद्धार करने के लिए तकरीबन 147 करोड़ रुपए स्वीकृत किया है और सड़कों का निर्माण कार्य भी जारी है। इसी तरह रायगढ़-घरघोड़ा नेशनल हाईवे के लिए शासन पहले ही 141 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे चुकी है। सड़क निर्माण कार्य के लिए टेंडर भी हो चुका है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
क्या कहते हैं बस संचालक
सारंगढ़ रूट में चंद्रपुर पुलिया के कारण बरमकेला होकर जाने वाला मार्ग है, परंतु यह रोड काफी खराब है। इसके कारण सारंगढ़ रूट की गाडिय़ां बंद कर दी गई है। इसके अलावा रायगढ़ घरघोड़ा, धर्मजयगढ़, पत्थलगांव रूट में चलने वाली गाडिय़ां भी बंद है। चूंकि, उर्दना से लेकर जामपाली तक जाम लगी रहती है, इसलिए इस व्यस्त मार्ग में भी गाडियां नहीं चलाई जा सकती।
इस मामले में यूनियन से बात चल रही है और जल्द ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा



