रायगढ़
केलो कपूत शिव राजपूत की चिट्ठी केलो के नाम

केलो कपूत शिव राजपूत की चिट्ठी केलो के नाम

केलो आई गुस्ताखी माफ अगर तेरी इजाजत हो तो कुछ पल के लिए तेरी वाणी (माउथ) का इस्तेमाल कर लूं। तू जो कहना चाहती होगी उसे मैं कह दूं…
रोशन लाल अग्रवाल मेरे लाल तू जा ,जहाँ एक दिन सबको है
मै तुझे हंसी खुशी विदा करती हूं
रायगढ की धरती मे कई महानायक आये और गये राजा चक्रधर सिंह से लेकर जननायक रामकुमार तक कई नाम रायगढ के सुनहरे पन्नों मे दर्ज है और भी लोग आयेंगे
ऐ मेरे रोशन लाल तूने तमाम राजनैतिक प्रतिबद्धताओं से भी उपर उठकर हमेशा लोकहित मे संघर्ष किया कमजोर की ताकत बनने की हिमाकत करने और जुझारूपन के अलावे अपनो के बीच पारिवारिक सदस्य की तरह बर्ताव किया वहीं तेरा अख्खडपन और बेबाक बयानी भी स्मरणीय रहेगा
जा मेरे लाल …मेरे जल की जलांजलि तुझे अर्पित करती हूं
बस.. केलो आई तेरे शब्दों मे इतना ही…




