तमिलनाडु में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता- जगत प्रकाश नड्डा
नकली उर्वरकों के खिलाफ केंद्र सरकार की सख्त कार्यवाही
भारत सरकार ने पुष्टि की है कि खरीफ 2025 और मौजूदा रबी 2025-26 मौसम के दौरान तमिलनाडु में यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस (NPKS) सहित प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है ।
वर्तमान रबी 2025-26 सीजन (02 फरवरी, 2026 तक) के लिए, राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता बिक्री से काफी अधिक रही है। विशेष रूप से, 4.97 लाख मीट्रिक टन (LMT) यूरिया की आवश्यकता के मुकाबले 6.06 LMT यूरिया उपलब्ध कराया गया, जबकि बिक्री 4.77 LMT दर्ज की गई । इसी प्रकार, खरीफ 2025 सीजन के दौरान भी 4.37 LMT की आवश्यकता के मुकाबले 6.07 LMT यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी ।
गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं
सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसानों तक केवल उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक ही पहुंचें। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत, घटिया उर्वरकों के निर्माण या बिक्री के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान है । अप्रैल 2025 से अब तक, देश भर में दोषियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए 4,11,350 छापे मारे गए हैं, 15,024 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और 783 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं ।
विशेष रूप से तमिलनाडु में, इसी अवधि के दौरान राज्य अधिकारियों ने 20,727 छापे मारे हैं, जिसके परिणामस्वरूप 50 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए और 5 एफआईआर दर्ज की गईं । सलेम, इरोड, थूथुकुडी, तिरुवरूर और तंजावुर जैसे जिलों में कार्यवाही की गई, जहां नकली यूरिया,डीएपी और अन्य उर्वरक जब्त किए गए ।
समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना
आगामी कृषि मौसमों के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु, उर्वरक विभाग, कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा किए गए आकलन के आधार पर राज्यों को उर्वरक आवंटित करता है । किसी भी कमी को रोकने के लिए ‘एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली’ (iFMS) के माध्यम से सभी प्रमुख सब्सिडी वाले उर्वरकों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जाती है ।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री, श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।




