
खरसिया। ग्राम चपले में आयोजित श्री हनुमंत कथा के दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में खरसिया विधायक उमेश पटेल ने पहुंचकर कथा श्रवण किया तथा व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा स्थल पर उनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया।

इस अवसर पर उन्होंने कथा व्यास साध्वी राधिका किशोरी जी का सम्मान करते हुए उनका आशीर्वाद लिया और धर्म, संस्कृति तथा आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

श्री नारायणी कुंज सेवा ट्रस्ट परिवार के तत्वावधान में श्रीवास परिवार क्षेत्र वासी ग्राम वासी के द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री हनुमंत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रभु श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान की महिमा का श्रवण कर रहे हैं। कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंगों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

धार्मिक आयोजन केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त बनाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का माध्यम भी हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कथा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने विधायक का आत्मीय स्वागत किया।

कथा के दौरान साध्वी राधिका किशोरी जी महाराज ने समाज में बढ़ रहे नैतिक पतन, बेटियों पर हो रहे अत्याचार तथा सामाजिक विकृतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी मातृशक्ति और बेटियों के सम्मान से होती है। उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की नहीं, बल्कि संस्कृति और संस्कारों की आधारशिला है। बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना पूरे समाज का दायित्व है।
अपने उद्बोधन में साध्वी ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को भावपूर्ण नमन किया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह असंख्य बलिदानों की अमूल्य विरासत है। राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले वीरों का स्मरण केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का आधार है।
साध्वी ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ें। उन्होंने कहा कि जब परिवारों में संस्कार, समाज में संवेदना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित होगी, तभी एक सशक्त और सुरक्षित भारत का निर्माण संभव होगा।
धर्म, संस्कृति और जनसरोकारों के संगम बने इस आयोजन में विधायक उमेश पटेल की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि सामाजिक और आध्यात्मिक परंपराएं समाज की एकता और नैतिक चेतना की आधारशिला हैं।




