आध्यात्मखरसियाछत्तीसगढ़

चपले की पावन धरा पर भक्ति और सेवा का संगम,श्री हनुमंत कथा में धूम-धाम से मनाया गया जन्मोत्सव

के सी पटेल, कृष्ण कुमार पटेल,मनोज अग्रवाल,भैयाराम नायक,ललित पटेल,लक्ष्मण श्रीवास,श्रद्धाभाव से कथा पंडाल को नव निर्माण कर  “अतिथि देवो भवः” एवं “नर सेवा ही नारायण सेवा” के भाव को चरितार्थ किया…

खरसिया। चपले में आयोजित श्री हनुमंत कथा रसामृत प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित अवश्य हुई है, किंतु चपले (राबर्टसन) ग्राम वासी क्षेत्र वासी ने श्रद्धा, संकल्प और टेंट ,साउंड वाले के सामूहिक सहयोग के बल पर चिल-चिलाती धूप में कठिन परिश्रम का परिणाम रहा कि कथा अपने निर्धारित समयानुसार आगे बढ़ा।

ग्राम चपले (राबर्टसन)की पावन धरा पर सात दिवसीय आयोजित श्री हनुमंत कथा रसामृत महोत्सव में रविवार को श्रद्धा,भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में जहां भक्तों ने भजन-कीर्तन और कथा श्रवण का आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया, वहीं आयोजक श्रीवास परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई।



श्री नारायणी सेवा ट्रस्ट समिति के श्रद्धेय साध्वी राधा किशोरी जी  ने भगवान श्रीराम एवं पवनपुत्र हनुमान के दिव्य चरित्रों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्तों को धर्म, सेवा और समर्पण का संदेश दिया। कथा के मध्य हनुमान जी के जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन होते ही पंडाल जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से झूमते हुए जन्मोत्सव मनाया और पटाका,पुष्पवर्षा कर अपनी आस्था व्यक्त की।


जन्मोत्सव अवसर पर आकर्षक सजावट, मंगलगीत, भजन-कीर्तन और शंखनाद ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। भक्तों ने भगवान के जन्म के मंगल प्रसंग का श्रवण कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

आयोजन स्थल पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। सेवा में जुटे स्वयंसेवकों ने श्रद्धाभाव से प्रसाद वितरण कर भारतीय सनातन परंपरा के “अतिथि देवो भवः” एवं “नर सेवा ही नारायण सेवा” के भाव को चरितार्थ किया। कथा स्थल पर भजन और भोजन दोनों की समुचित व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सामाजिक संतोष प्रदान किया।

कथा आयोजन समिति ने बताया कि श्री हनुमंत कथा रसामृत का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक जागरण का संदेश पहुंचाना भी है। प्रतिदिन कथा, भजन, आरती एवं प्रसाद वितरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता निभा रहे हैं।

भक्ति के साथ सेवा का संदेश

https://www.youtube.com/live/jbefR8gA3wE?si=yujtFWYW9gNPDz7K


चपले में चल रहे इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति में भक्ति और सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। कथा के माध्यम से जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हो रही है, वहीं भोजन प्रसाद एवं जनसेवा के माध्यम से सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।

आगामी दिनों में कथा में राम लला का प्राकट्य उत्सव,विवाह,विभिन्न प्रसंगों के साथ उत्साहपूर्वक की जा रही हैं।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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