सिंघनपुर में हादसे के बाद बवाल: चक्का जाम और उपद्रव पर पुलिस सख्त़…
खरसिया।रायगढ़ जिले के सिंघनपुर स्टेट हाईवे-200 पर सड़क हादसे के बाद उत्पन्न जनाक्रोश ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी प्रभावित किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कई घंटों तक चक्का जाम कर आवागमन बाधित किया। इस दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा राहगीरों के साथ मार-पीट और वाहनों में तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
भूपदेवपुर पुलिस ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में अपराध क्रमांक 0067/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 191(2) के तहत कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपितों की पहचान में जुटी है।
सिंघनपुर क्षेत्र लंबे समय से भारी औद्योगिक गतिविधियों और ट्रेलर वाहनों की निरंतर आवा-जाही के कारण सड़क सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। स्थानीय लोगों द्वारा पहले भी तेज गति,लापरवाही और अपर्याप्त ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर शिकायतें उठाई जाती रही हैं।
हालिया दुर्घटना,जिसमें एक गर्भवती महिला की मौत हुई, ने इन चिंताओं को और गहरा कर दिया है। यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का संकेत बनकर सामने आई है।
हादसे के बाद चक्का जाम और उपद्रव, पीड़ा और असंतोष की अभिव्यक्ति जरूर है, लेकिन हिंसक प्रतिक्रिया ने स्थिति को और जटिल बना दिया। इससे आम नागरिकों और यातायात पर सीधा असर पड़ा।
एक ओर पुलिस हादसे के जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्यवाही कर रही है, वहीं दूसरी ओर उपद्रव फैलाने वालों पर भी सख्ती दिखा रही है। यह संतुलन कानून के राज को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि चक्का जाम के दौरान हिंसा और तोड़-फोड़ में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पहचान प्रक्रिया तेज की गई है और आरोपियों पर गिरफ्तारी की कार्यवाही संभव है।




