
खरसिया। मीडिया को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अन्तर्गत भुपदेवपुर थाना के सिंघनपुर में स्टेट हाईवे-200 पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती उमा राठिया पति टिका राम राठिया की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वे अपने पति और बच्चे के साथ ग्राम सिंघनपुर लौट रही थीं, तभी कोयला लोड ट्रेलर की चपेट में आ गईं। घटना के बाद भूपदेवपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

श्रीमती उमा राठिया का मायका सिंघनपुर में था, जबकि उनका विवाह बड़ादरहा रामपुर में हुआ था। अपने पदीय दायित्व/पारिवारिक कारणों से वे अपने पति और बच्चे के साथ मायके आ रही थीं। क्षेत्र में भारी वाहनों, विशेषकर कोयला परिवहन करने वाले ट्रेलरों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं उठती रही हैं।

प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि हाईवे पर तेज गति और भारी वाहनों का दबाव इस दुर्घटना का प्रमुख कारण हो सकता है। ग्रामीण अंचलों से गुजरने वाले राज्य मार्गों पर यातायात नियंत्रण, संकेत व्यवस्था और निगरानी की कमी अक्सर ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। आंगनवाड़ी जैसी जमीनी स्तर की सेवा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता की मृत्यु न केवल एक परिवार, बल्कि स्थानीय सामाजिक ताने-बाने के लिए भी गंभीर क्षति है।
इस हादसे ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में आक्रोश और शोक का माहौल है। प्रशासन पर दबाव है कि वह हाईवे पर भारी वाहनों की गति और संचालन को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए।

भुपदेवपुर पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुटी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़क संकेतों की मजबूती और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। साथ ही, प्रभावित परिवार को त्वरित सहायता और न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।



