
खरसिया।ग्राम डारआमा की माटी उस समय मौन हो गई,जब श्रीमती चमेली बाई नायक धर्मपत्नी श्री भोजकुमार (सुरेश) नायक(गोत्र कश्यप), ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को अचानक इस संसार से विदा ले लीं। यह आकस्मिक वियोग केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो देने वाला क्षण बन गया।
अपने पीछे वे तीन पुत्रियों—श्रीमती गीता-राजू ,श्रीमती सरिता- मुकेश, लिलिता-पुरुषोत्तम और पुत्र दुष्यंत कुमार बहु श्रीमती रजनी नायक सहित एक स्नेहसिक्त परिवार छोड़ गई हैं, जिनकी आँखों में अब स्मृतियों का अथाह सागर उमड़ पड़ा है। एक स्नेहमयी माँ, समर्पित पत्नी और परिवार की आधारशिला का यूँ अचानक चले जाना,अपूरणीय क्षति के रूप में महसूस किया जा रहा है।
सोमवार सायं 05 बजे ग्राम के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार नम आँखों और भारी मन से संपन्न हुआ,जहाँ हर उपस्थित जन उनके सरल स्वभाव और आत्मीय व्यवहार को स्मरण करता दिखा।
अखिल भारतीय अघरिया समाज,खरसिया इकाई के संरक्षक सदस्य,पदाधिकारियों ने गहन शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।



