छत्तीसगढ़महासमुंद

महारास की अमृतवर्षा में सराबोर हुआ बसना, राधा-कृष्ण प्रेम रस में झूमे श्रद्धालु

बसना। श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस बसना कृषि उपज मंडी परिसर उस समय भक्ति, भाव और प्रेम के अद्वितीय संगम का साक्षी बना,जब महारास प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन हुआ। कथा व्यासपीठ से साध्वी राधा किशोरी जी (श्रीधाम अयोध्या) ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला का ऐसा भावमय निरूपण किया कि उपस्थित श्रद्धालु स्वयं को वृंदावन की उस अलौकिक भूमि में अनुभव करने लगे, जहां प्रेम ही साधना है और समर्पण ही परम प्राप्ति। श्रीमद्भागवत में महारास को भक्ति और ईश्वर-प्रेम की सर्वोच्च अभिव्यक्ति माना गया है।

साध्वी जी नेत्रों से अविरल अश्रु कि धार के मध्य श्रीकृष्ण की मोहिनी मुरली का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब निगोड़ी बांसुरी श्रीकृष्ण के अधरों से लगी, तब उसके मधुर स्वर ने समस्त ब्रज को ही नहीं, प्रत्येक हृदय को भी भेद दिया। उस दिव्य ध्वनि में ऐसा आकर्षण था कि गोपियां लोक-लाज, मोह और बंधनों को त्यागकर अपने आराध्य की ओर खिंची चली आईं। यह केवल संगीत नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का आह्वान था।


उन्होंने कहा कि महारास सांसारिक प्रेम का नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के बीच होने वाले उस आध्यात्मिक संवाद का प्रतीक है, जिसमें अहंकार का पूर्ण विसर्जन और समर्पण का उदय होता है।

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श्रीकृष्ण की बांसुरी का स्वर प्रत्येक जीव को भीतर से पुकारता है कि वह अपने वास्तविक स्वरूप को पहचाने और ईश्वर की शरण में आए।

कथा स्थल पर जैसे-जैसे महारास प्रसंग आगे बढ़ता गया, वातावरण “राधे-राधे” और “श्याम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में झूमते दिखाई दिए। अनेक श्रद्धालुओं की आंखें भावविभोर होकर नम हो गईं, जबकि भजन-कीर्तन के बीच पूरा पंडाल वृंदावन की अनुभूति कराने लगा।

धार्मिक दृष्टि से महारास प्रसंग को श्रीमद्भागवत का हृदय माना जाता है, जहां प्रेम, भक्ति और समर्पण का सर्वोच्च दर्शन होता है। कथा के इस भावपूर्ण वर्णन ने उपस्थित जनसमूह को न केवल आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया, बल्कि जीवन में निष्काम प्रेम और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में सहभागिता कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। महारास की इस अलौकिक संध्या ने बसना की धार्मिक चेतना में भक्ति और प्रेम का एक अविस्मरणीय अध्याय जोड़ दिया।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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