
खरसिया। किसी भी नगर की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाली प्रतिभाओं से होती है। खरसिया के लिए ऐसा ही गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब वार्ड क्रमांक 6, पनखतिया तालाब पार निवासी रिजित कुमार राठौर ने छत्तीसगढ़ प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (CG PET) 2026 में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सफलता का नया अध्याय लिख दिया।
रिजित की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में प्राप्त अंक या रैंक भर नहीं है, बल्कि यह उस अथक परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और संकल्प का परिणाम है, जो वर्षों की निरंतर साधना से आकार लेता है। प्रदेशभर के हजारों प्रतिभागियों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर, तब सफलता स्वयं मार्ग खोज लेती है।
खरसिया जैसे उभरते नगर से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च रैंक हासिल करने वाले रिजित आज उन असंख्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं। उनकी सफलता ने यह स्थापित कर दिया है कि प्रतिभा अवसरों की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह अपने पुरुषार्थ से अवसरों का निर्माण करती है।
रिजित की उपलब्धि से परिवार में हर्ष का वातावरण है, वहीं पूरे नगर में गर्व और उत्साह की लहर देखी जा रही है। शिक्षकों के मार्गदर्शन, माता-पिता के त्याग और स्वयं की कठोर मेहनत का यह संगम आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सामने आया है। नगर के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सफलता का व्यापक संदेश
रिजित कुमार राठौर की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि खरसिया की शैक्षणिक चेतना और युवा क्षमता का प्रतीक बनकर उभरी है। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि सपनों की ऊंचाई परिस्थितियों से नहीं, बल्कि संकल्प की शक्ति से तय होती है।
आज खरसिया का यह होनहार बेटा प्रदेश का सरताज बनकर उभरा है। उसकी सफलता की यह चमक न केवल उसके परिवार के आंगन को आलोकित कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का दीपक बनकर भविष्य की राह भी प्रकाशित कर रही है। ऐसी उपलब्धियां किसी नगर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं और आने वाले समय में अनेक नई सफलताओं की नींव रखती हैं।




