
पचेड़ा/पुसौर (रायगढ़)। ग्राम पचेड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ। अंतिम दिवस पर खरसिया विधायक उमेश पटेल कथा स्थल पहुंचे और व्यास पीठ को प्रणाम कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

कथा व्यास ने सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया।
श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, परीक्षित मोक्ष प्रसंग में राजा परीक्षित को ऋषि शृंगी के श्राप से केवल सात दिन का जीवन शेष रहता है। इस पर वे समस्त सांसारिक मोह छोड़कर गंगा तट पर जाते हैं, जहाँ शुकदेव जी उन्हें भागवत का उपदेश देते हैं। सात दिन तक श्रीमद्भागवत श्रवण कर परीक्षित मोक्ष पाते हैं। यह कथा बताती है कि मृत्यु अवश्यंभावी है, लेकिन आत्मज्ञान के साथ मृत्यु भी मोक्ष का द्वार बन जाती है।

वहीं सुदामा चरित्र (दशम स्कंध) में, सुदामा अपनी दरिद्रता के बावजूद भगवान कृष्ण के पास केवल मुट्ठी भर चावल लेकर जाते हैं। कृष्ण उनकी निस्वार्थ भक्ति देख भावविह्वल हो जाते हैं और बिना कुछ मांगे सुदामा के जीवन में सुख-समृद्धि भर देते हैं। यह प्रसंग भक्ति की शक्ति और सच्चे प्रेम की महत्ता को उजागर करता है। दोनों प्रसंग जीवन की क्षणभंगुरता, भक्ति के महत्व, और ईश्वरीय कृपा पर बल देते हैं।
कार्यक्रम का समापन हवन, आरती, सहस्त्रधारा एवं तुलसी वर्षा के साथ कल श्रीमद्भागवत कथा विश्राम होगा। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों ने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।




