
रायपुर।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के प्रदेश समन्वयक के रूप में विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश नंदकुमार पटेल की नियुक्ति को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, श्रमिक, किसान और ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। हाल के वर्षों में रोजगार दिवस, भुगतान व्यवस्था और बजट को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, जिसके चलते कांग्रेस ने इस योजना की रक्षा के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है।
विधायक उमेश पटेल का प्रशासनिक अनुभव, जनसरोकारों से जुड़ाव और संगठन में मजबूत पकड़ इस आंदोलन को दिशा देने में सहायक मानी जा रही है। पार्टी का मानना है कि उनके नेतृत्व में अभियान अधिक संगठित,प्रभावी और व्यापक रूप ले सकेगा।

नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं साझा कर उत्साह व्यक्त किया। इसे मनरेगा से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष को नई ऊर्जा मिलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक न्याय, रोजगार के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश के कोने-कोने तक आंदोलन पहुंचाने की रणनीति पर कार्य तेज होने की संभावना है।




