रायगढ़

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन

रायगढ़।स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ में व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन किया गया। यह समारोह नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के एमबीबीएस बैच-2025 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें एम.बी.बी.एस प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित 100 छात्र-छात्राओं को उन्हें सफेद कोट पहनाकर चिकित्सा पेशे में प्रवेश का प्रतीकात्मक संस्कार कराया गया।
अधिष्ठाता डॉ.विनीत जैन ने अपने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे की जिम्मेदारियों और मानवीय मूल्यों का महत्व समझाया। अस्पताल अधीक्षक डॉ.एम.के.मिंज ने अपने संबोधन में प्रोफेशनलिज्म, नैतिकता और रोगी‑केंद्रित देखभाल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पहला औजार उसका संवेदनशील शब्द है, और रोगी के साथ ईमानदारी तथा करुणा ही चिकित्सा की आत्मा है। समारोह में विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से महर्षि चरक शपथ लिया और चिकित्सा सेवा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अपने विचार साझा कर इस क्षण को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरजीत कुंडू (प्रोफेसर, एनाटॉमी), डॉ. विजयेंद्र पैंकरा (एसोसिएट प्रोफेसर, फिजियोलॉजी) तथा डॉ. ऋचा गुरुदीवान (असिस्टेंट प्रोफेसर, एनाटॉमी) द्वारा किया गया। यह आयोजन अधिष्ठाता महोदय के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। समारोह में कॉलेज के सभी वरिष्ठ प्राध्यापक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किए।
डॉ.विजयेंद्र पैंकरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए, अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, डॉ.एम.के.मिंज और डॉ.ए.एम.लकड़ा सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों, सहयोगी संकाय सदस्यों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक फोटो के साथ हुआ। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली (एनएमसी) द्वारा व्हाइट कोट सेरेमनी करने की अनुशंसा की गई है, ताकि प्रथम वर्ष से ही विद्यार्थियों में चिकित्सा पेशे की नैतिकता, करुणा और जिम्मेदारी का भाव विकसित हो। मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ने इस परंपरा को अपनाकर विद्यार्थियों को एक नई दिशा दी है।

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ में व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन किया गया। यह समारोह नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के एमबीबीएस बैच-2025 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें एम.बी.बी.एस प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित 100 छात्र-छात्राओं को उन्हें सफेद कोट पहनाकर चिकित्सा पेशे में प्रवेश का प्रतीकात्मक संस्कार कराया गया।
अधिष्ठाता डॉ.विनीत जैन ने अपने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे की जिम्मेदारियों और मानवीय मूल्यों का महत्व समझाया। अस्पताल अधीक्षक डॉ.एम.के.मिंज ने अपने संबोधन में प्रोफेशनलिज्म, नैतिकता और रोगी‑केंद्रित देखभाल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पहला औजार उसका संवेदनशील शब्द है, और रोगी के साथ ईमानदारी तथा करुणा ही चिकित्सा की आत्मा है। समारोह में विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से महर्षि चरक शपथ लिया और चिकित्सा सेवा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अपने विचार साझा कर इस क्षण को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरजीत कुंडू (प्रोफेसर, एनाटॉमी), डॉ. विजयेंद्र पैंकरा (एसोसिएट प्रोफेसर, फिजियोलॉजी) तथा डॉ. ऋचा गुरुदीवान (असिस्टेंट प्रोफेसर, एनाटॉमी) द्वारा किया गया। यह आयोजन अधिष्ठाता महोदय के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। समारोह में कॉलेज के सभी वरिष्ठ प्राध्यापक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किए।
डॉ.विजयेंद्र पैंकरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए, अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, डॉ.एम.के.मिंज और डॉ.ए.एम.लकड़ा सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों, सहयोगी संकाय सदस्यों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक फोटो के साथ हुआ। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली (एनएमसी) द्वारा व्हाइट कोट सेरेमनी करने की अनुशंसा की गई है, ताकि प्रथम वर्ष से ही विद्यार्थियों में चिकित्सा पेशे की नैतिकता, करुणा और जिम्मेदारी का भाव विकसित हो। मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ने इस परंपरा को अपनाकर विद्यार्थियों को एक नई दिशा दी है।

Show More

Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!