
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर की मानें तो …
खरसिया। JSW नहरपाली के खिलाफ क्षेत्रवासियों का गुस्सा अब उबाल पर है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर महज चेतावनी नहीं, बल्कि एक बड़े आंदोलन की दस्तक हैं। 28 अप्रैल को चक्का जाम का ऐलान किया गया है, जिसमें सैकड़ों लोग सड़क पर उतरने की तैयारी कर चुके हैं। जनता अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि JSW कंपनी ने न केवल पर्यावरण से खिलवाड़ किया है,बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों से भी पूरी तरह मुंह मोड़ा है। ज़मीन अधिग्रहण से लेकर रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं तक—हर मोर्चे पर क्षेत्रवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी आवाज़ सुनी नहीं जाती, आंदोलन रुकेगा नहीं। “हम अब चुप नहीं बैठेंगे। या तो समाधान होगा, या फिर सड़कों पर संग्राम”—यह संदेश साफ-साफ झलक रहा है।
प्रशासन की मुश्किलें बढ़ीं: आंदोलन की उड़ती के बाद प्रशासन के माथे पर बल पड़ चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हल-चल तेज हो गई है।
स्थानीय नेतृत्व और सामाजिक संगठनों की अगुवाई में होने वाला यह चक्का जाम,केवल एक विरोध नहीं बल्कि व्यवस्था को झकझोर देने वाला जनसैलाब बनने जा रहा है।
अब देखना ये है कि JSW और प्रशासन जनता की आवाज़ सुनेगा या फिर 28 अप्रैल को अंदोलन इतिहास रचेगा…



