इंदिरा जयंती: सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलि, राहुल ने बताया शक्ति स्वरूपा

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने शक्ति स्थल जाकर तो सोनिया ने इंदिरा गांधी मेमोरियल संग्रहालय में पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनी वानर सेना बनाई और सेनानियों के साथ काम किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर नमन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती पर नमन।’
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती पर नमन।
Tributes to former PM Smt. Indira Gandhi Ji on her birth anniversary.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 19, 2020
अपनी दादी इंदिरा को याद करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने उन्हें शक्ति का स्वरूप बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘एक कार्यकुशल प्रधानमंत्री और शक्ति स्वरूपा श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती पर श्रद्धांजलि। पूरा देश उनके प्रभावशाली नेतृत्व की आज भी मिसाल देता है लेकिन मैं उन्हें हमेशा अपनी प्यारी दादी के रूप में याद करता हूं। उनकी सिखाई हुई बातें मुझे निरंतर प्रेरित करती हैं।’
एक कार्यकुशल प्रधानमंत्री और शक्ति स्वरूप श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती पर श्रद्धांजलि।
पूरा देश उनके प्रभावशाली नेतृत्व की आज भी मिसाल देता है लेकिन मैं उन्हें हमेशा अपनी प्यारी दादी के रूप में याद करता हूँ। उनकी सिखायी हुई बातें मुझे निरंतर प्रेरित करती हैं। pic.twitter.com/9RHDnAClOJ
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 19, 2020
1959 में बनी थीं कांग्रेस की अध्यक्ष
इंदिरा गांधी 1959 में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गई थीं। पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद जब लालबहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने तो इंदिरा ने उनके अनुरोध पर चुनाव लड़ा और सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं। साल 1966 से 1977 और 1980 से 1984 के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर भारत की सत्ता संभाली। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वे सिख अलगाववादियों के निशाने पर आ गई थीं। 31 अक्तूबर 1984 को उनके दो सिख अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या कर दी थी।




