योग्य सेवारत डीएलएड शिक्षकों को भर्ती में बराबरी का मौका देने का निर्देश

केंद्र सरकार ने योग्यता पूरी करने वाले सेवारत डीएलएड शिक्षकों को राहत दी है। सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (एनआईओएस) से ऑनलाइन डीएलएड करने वाले शिक्षकों को भर्ती में बराबर मौका देने का निर्देश दिया। यह राहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत ऑनलाइन डीएलएड करने वाले 15 लाख अयोग्य शिक्षकों को मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षक अध्यापक परिषद (एनसीटीई) के उप सचिव टी प्रीतम सिंह की ओर से राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार एनआईओएस से ऑनलाइन डीएलएड करने वाले शिक्षकों को मान्यता दें।
यदि ऐसे शिक्षक शिक्षक भर्ती के तहत नई नौकरी या पद के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें मौका मिले। एनसीटीई ने पत्र में बिहार हाईकोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एनसीटीई ने नए आवेदनों के लिए उक्त कोर्स करने वाले शिक्षकों को स्वीकार किया है।
उत्तराखंड टीईटी टीचर एसोसिएशन ने एनसीटीई के समक्ष यह मामला उठाया था। इसके बाद एनसीटीई ने उत्तराखंड समेत सभी राज्य सरकार को ऐसे शिक्षकों को मौका देने की बात कही है।
यह था पूरा मामला
सरकार ने संसद में प्रस्ताव पारित कर शिक्षा के अधिकार कानून के तहत करीब 15 लाख अप्रशिक्षित या अयोग्य शिक्षकों को पेशेवर अर्हता प्रदान करने के लिए एनआईओएस से ऑनलाइन डीएलएड कोर्स करवाया था। यह अप्रशिक्षित या अयोग्य शिक्षक सरकारी और निजी स्कूलों में सेवारत थे। कोर्स करने के बाद इन्होंने योग्यता का मापदंड पूरा कर लिया।
हालांकि सरकार ने इनकी पेशेवर अर्हता भले पूरी करवा दी, लेकिन बिहार समेत कुछ राज्यों ने इन्हें शिक्षक भर्ती में नए आवेदक के तौर पर अनुमति नहीं दी। इसके बाद मामला पटना हाईकोर्ट तक पहुंचा। फरवरी 2020 में कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों को आवेदन में अनुमति देने का आदेश दिया था।



