
रायगढ़ – रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कीदा में महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जघन्य हत्या के मामले का पुलिस ने मात्र 72 घंटों में खुलासा कर दिया है। इस त्रिकाल हत्या की साजिश रचने वाला कोई और नहीं बल्कि मृतका का पति निकला,जिसने महज 5 डिसमिल जमीन और मुआवजे के लालच दें अपने दोस्त से पत्नी और बच्चों की हत्या करवा दी।
बदबू से हुआ खुलासा,टांगी से की गई थी हत्या
दिनांक 22 मई को ग्राम कीदा के सरपंच सीताराम राठिया द्वारा छाल थाना में सूचना दी गई कि महेंद्र साहू के घर से तेज बदबू आ रही है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, जहां खाट पर सड़ी-गली अवस्था में सुकांति साहू (35) और उसके दो बच्चों – युगल (15) और प्राची (12) के शव पाए गए। तीनों की धारदार हथियार से हत्या की गई थी।
पति निकला मास्टरमाइंड,दोस्त बना कातिल
जांच में सामने आया कि मृतका के पति महेंद्र साहू ने अपनी पत्नी से विवादों के चलते उसकी हत्या की योजना बनाई थी। उसने अपने दोस्त भागीरथी राठिया को 5 डिसमिल जमीन और मुआवजे की राशि देने का लालच देकर हत्या के लिए उकसाया। हत्या से पहले महेंद्र ने दरवाजे की कुण्डी ढीली कर दी थी ताकि वारदात को अंजाम देने में आसान हो।
गहराई से की गई जांच, पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ गहन पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। भागीरथी के मेमोरेंडम पर हत्या में प्रयुक्त टांगी तथा महेंद्र के बताने पर लोहे की रॉड जब्त की गई। आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1), 61(2), और 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
स्पेशल टीम की उत्कृष्ट भूमिका

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के नेतृत्व में बनी संयुक्त टीम जिसमें थाना छाल, घरघोड़ा, खरसिया, साइबर सेल, एफएसएल और डॉग स्क्वाड शामिल रहे, ने उत्कृष्ट समन्वय से इस बहुचर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
प्रमुख योगदानकर्ताओं में शामिल रहे:
घटना का शीघ्र पटाक्षेप करने में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक मोहन भारद्वाज, थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, थाना प्रभारी खरसिया राजेश जांगड़े, उप निरीक्षक मदन पटेल,प्रधान आरक्षक शंभू प्रसाद पांडे, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, आरक्षक प्रशांत पंडा, पुष्पेंद्र जाटवार, विक्रम सिंह, सुरेश सिदार, प्रताप बेहरा, धनंजय कश्यप, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक (जूटमिल), आरक्षक संदीप मिश्रा (थाना कोतवाली) प्रदीप तिवारी (थाना भूपदेवपुर) एवं थाना छाल के गोविंद बनर्जी, दिलीप सिदार, हरेंद्र पाल जगत के साथ थाना छाल, घरघोड़ा, साइबर सेल टीम, एफएसएल और डॉग स्क्वाड सहित कुल 08 से अधिक टीम ने बेहतरीन ताल-मेल के साथ काम करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को शीघ्र सुलझाया गया।
रायगढ़ पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम थाना को दें, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा बनी रहे।




