
जिले के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या तथा रिक्त बेड की सूचना प्रतिदिन दी जायेगी
रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि और मरीजों के लिये शासन द्वारा जारी नई गाइड लाइन के अनुसार सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के सभी बीएमओ को निर्देशित किया कि राज्य शासन द्वारा बिना लक्षण एवं कम लक्षण वाले मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में रखकर किए जाने का निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि मरीज के घर में एक पृथक कमरा तथा अटैच शौचालय होने पर संक्रमित मरीज को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान कर दी जायेगी। साथ ही मरीज तथा उसके साथ रह रहे लोगों से अंडर टेकिंग (वचन-पत्र)लिया जाये कि वे अपने घरों से बाहर नहीं जायेंगे और एसओपी का पूर्णत: पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी एक व्यक्ति के सेम्पल पाजिटिव पाये जाने पर बाकी सदस्यों के सेम्पल जांच की आवश्यकता नहीं है, परंतु घर के वृद्ध सदस्य, गर्भवती महिलाओं तथा मधुमेह, ब्लड प्रेशर, किडनी तथा हृदय रोग से ग्रस्त व्यक्तियों के सेम्पल लिये जायेंगे।

संक्रमित व्यक्ति सहित उसके पूरे परिवार को दवाओं के किट प्रदान किये जाये और इस किट में कोरोना के रोकथाम के लिए उपलब्ध दवाओं के सेवन के साथ ही एसओपी के पालन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाना चाहिए साथ ही इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि बिना लक्षण वाले एवं कम लक्षण वाले मरीजों को कौन-कौन सी दवाएं कब लेनी है और क्या एहतियात बरतना है।
कलेक्टर सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाये जाने और वहां का टेलीफोन नंबर को सार्वजनिक करते हुये चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिये, जहां से कोविड के संबंध में जानकारी मिल सकेगी और होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज डॉक्टर से संपर्क कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के डेथ रेट में कमी लाये जाने के प्रयास किये जाने चाहिये। कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कोरोना बुलेटिन जारी करते समय कोरोना संक्रमित मृतकों की संख्या के साथ मृत्यु के कारण की जानकारी स्पष्ट रूप से उल्लेखित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हार्ट, किडनी, लिवर, हाईब्लड प्रेशर, शुगर के गंभीर रोगी यदि कोरोना पीडि़त होते हैं तो इनकी मृत्यु का कारण कोरोना की वजह से हुई अथवा पूर्व की बीमारी से इसको स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए। कलेक्टर सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले में बनाये गये कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या और खाली बेड की संख्या की जानकारी प्रतिदिन प्रचार माध्यमों से सूचित करने के निर्देश दिये ताकि नागरिकों में कोरोना से ग्रसित पाये जाने पर आत्म विश्वास बना रहे।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कोरोना के मरीजों के मनोबल को बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की पड़ताल एवं मरीजों को सलाह देने के लिए नियमित रूप से वार्डों में चिकित्सकों का राउंड सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं एवं उपकरण की मेडिकल दुकानों में उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इनकी कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण के बारे में जन जागरूकता लाये जाने के लिये विभिन्न संचार माध्यमों से सूचित करने के निर्देश दिये। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सु ऋचा प्रकाश चौधरी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।




