
खरसिया।धरम नगरी खरसिया में आगामी रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन-पुलिस ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में आयोजित शांति समिति की बैठक में प्रशासनिक-पुलिस विभाग अधिकारियों,पत्रकार बन्धुओं,जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन की रूपरेखा,सुरक्षा प्रबंध और जुलूस संचालन पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में आईएएस प्रशिक्षु अक्षय दोशी, एसडीएम प्रवीण तिवारी,डाक्टर किरण चौहान,नगर पालिका सीएमओ नीतू अग्रवाल सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और जुलूस प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

रामनवमी खरसिया सहित पूरे क्षेत्र में आस्था और सामाजिक सहभागिता का प्रमुख पर्व है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस,धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। बीते वर्षों में ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन,यातायात नियंत्रण और विद्युत व्यवस्था जैसी चुनौतियां सामने आती रही हैं। इसी संदर्भ में प्रशासन हर वर्ष पूर्व तैयारी और समन्वय पर विशेष जोर देता है।

शांति समिति की बैठक केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं,बल्कि प्रशासन और समाज के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। इस बार बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया,विशेषकर बिजली विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश देना यह संकेत देता है कि प्रशासन तकनीकी व्यवधानों को भी गंभीरता से ले रहा है।
जुलूस प्रबंधन समिति की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि आयोजन को केवल प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं,बल्कि सामुदायिक सहयोग के साथ संचालित करने की रणनीति अपनाई जा रही है।अनुशासन बनाए रखने में अधिक प्रभावी माना जाता है।
ऐसी समन्वित तैयारियों का सीधा प्रभाव आयोजन की सुव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ता है। स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारण से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव होती है, वहीं गणमान्य नागरिकों की भागीदारी से सामाजिक सौहार्द और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

रामनवमी जैसे बड़े आयोजनों में प्रशासनिक सतर्कता के साथ-साथ नागरिक अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन और समाज के बीच यही समन्वय बना रहा,तो खरसिया न केवल सुरक्षित बल्कि अनुकरणीय आयोजन का उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।




