
कई बार पत्रों के माध्यम से संबंधितों को भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है परन्तु आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे यह प्रतीत होता है कि संस्था जानबुझकर परिपक्वता राशि का भुगतान जमाकर्ताओं को नहीं कर रहा है जो कि धोखाधड़ी व वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने सहारा इंडिया व उससे संबंधित सोसायटियों के जमाकर्ताओं के नाम ,मोबाइल नंबर ,जमा राशि , खाता नंबर ,परिपक्वता राशि संबंधित सारी सूची पुनः भेजते हुए 10 दिनों के भीतर परिवक्वता राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही समय सीमा में भुगतान न होने की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। विदित हो कि इससे पहले जिला प्रशासन की ओर से सहारा इंडिया को 27 करोड़ रुपये का तो पुलिस प्रशासन की ओर से 8.53 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा जा चुका है।
फोरम दे चुका गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश
यहां यह बताना जरूरी होगा कि विगत 18 जुलाई को ऐसे ही एक मामले में श्रीमती कंचन अग्रवाल केस में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने पुलिस अधीक्षक रायपुर , पुलिस आयुक्त लखनऊ और पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को भी सहारा इंडिया के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दे चुका है । फोरम में इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को रखी गई है ।




