छत्तीसगढ़

विधान सभा अध्यक्ष डॉ महंत ने `सशस्त्र सेना` झंडा दिवस पर जवानों को दी बधाई

झंडा दिवस कोष में हर भारतीय को अपना योगदान देना चाहिए : डॉ महंत

रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर देश के रक्षक, जवानों को बधाई दी। डॉ महंत ने कहा कि, झंडा दिवस का उद्देश्य भारत की जनता ने देश की सेना के प्रति सम्मान प्रकट करना है। उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन, जो देश की तरफ आंख उठाकर देखने वालों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। सेना में रहकर जिन्होंने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि आतंकवादी व उग्रवादी से मुकाबला कर शांति स्थापित करने में अपनी जान न्यौछावर कर दी। भारतीय सशस्त्र सेना के कर्मियों के कल्याण के लिए भारत की जनता से धन का संग्रह राशि का उपयोग युद्धों में शहीद हुए सैनिकों के परिवार या हताहत हुए सैनिकों के कल्याण व पुनर्वास में खर्च की जाती है। यह राशि सैनिक कल्याण बोर्ड की माध्यम से खर्च की जाती है। देश के हर नागरिक को चाहिए कि वह झंडा दिवस कोश में अपना योगदान दें, ताकि हमारे देश का झंडा आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे। छग विस् डॉ महंत ने इतिहास बताते हुए कहा कि, भारत सरकार ने साल 1949 से सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस दिन झंडे की ख़रीद से होने वाली आय शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण में खर्च की जाती है। सशस्त्र सेना झंडा दिवस से इकट्ठा की गई राशि युद्ध वीरांगनाओं, सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक, युद्ध में अपंग हुए सैनिकों व उनके परिवार के कल्याण पर खर्च की जाती है। 7 दिसंबर, 1949 से शुरू हुआ यह सफ़र आज तक जारी है। आज़ादी के बाद से ही सरकार को महसूस हुआ कि सैनिकों के परिवार वालों की भी जरूरतों का ख्याल रखने की आवश्यकता है और इसलिए उसने 7 दिसंबर को झंडा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके पीछे सोच थी कि जनता में छोटे-छोटे झंडे बांट कर दान अर्जित किया जाएगा जिसका फायदा शहीद सैनिकों के आश्रितों को होगा।

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