खरसियाछत्तीसगढ़रायगढ़

‘ऑपरेशन प्रहार’में पकड़ा गया 05 लाख का कबाड़ नेटवर्क किसी बड़े गिरोह की कड़ी तों नहीं?


खरसिया। रायगढ़ जिले में चल रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने गुरुवार रात करीब 4 टन अवैध कबाड़ से भरी एक टाटा माजदा वाहन को जब्त किया। रायगढ़ बाई पास रोड खरसिया पर घेराबंदी कर पकड़े गए इस वाहन (क्रमांक CG 13 AN 7028) से करीब 4180 किलोग्राम कबाड़—जिसमें लोहा, छड़, टीन और जंग लगे तार शामिल हैं—बरामद हुआ। वाहन चालक टीपू मनिहार (34) कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने वाहन (कीमत लगभग 5 लाख रुपये) और कबाड़ को जब्त कर मामला दर्ज किया।


कबाड़ के नाम पर अवैध कारोबार का बढ़ता दायरा
औद्योगिक और खनन क्षेत्रों से जुड़े जिलों में कबाड़ की अवैध ढुलाई लंबे समय से एक संगठित गतिविधि के रूप में उभर रही है। अक्सर चोरी के लोहे,मशीनरी के हिस्सों या निर्माण सामग्री को कबाड़ के रूप में परिवहन कर वैधता का आवरण दिया जाता है।
‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियान इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं, जहां पुलिस खुफिया सूचना के आधार पर कार्यवाही कर रही है।
क्या यह केवल एक वाहन की जब्ती है या संगठित चैन का संकेत?
इस कार्यवाही में कुछ महत्वपूर्ण संकेत उभरते हैं:
बड़ी मात्रा (4 टन) में कबाड़ की बरामदगी यह दर्शाती है कि यह सामान्य परिवहन नहीं, बल्कि संभावित रूप से संगठित सप्लाई चैन का हिस्सा हो सकता है।
दस्तावेजों का अभाव यह संकेत देता है कि माल की वैधता संदिग्ध है, जिससे चोरी या अवैध खरीद की संभावना बढ़ती है।
रात के समय परिवहन आमतौर पर ऐसे मामलों में निगरानी से बचने की रणनीति के रूप में देखा जाता है।

वाहन में चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर चौकी खरसिया पुलिस द्वारा विधिवत कार्यवाही करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(क)(ड) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत वाहन माजदा (5 लाख रूपये) तथा उसमें लोड कुल 4180 किलोग्राम कबाड़ (15 हजार) को जप्त किया गया है।

वाहन चालक टीपू मनिहार पिता सत्तार मनिहार, निवासी तुर्रीभांठा बायपास रोड खरसिया

इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी खरसिया त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक मनोज, साइबर थाना के आरक्षक धनंजय,जगमोहन,आरक्षक पुष्पेंद्र सहित अन्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख़्त संदेश— 

           “अवैध कबाड़ और चोरी की संपत्ति के कारोबार पर लगातार सख्त कार्यवाही जारी रहेगी”


इन तथ्यों के आधार पर सवाल उठता है—क्या यह केवल एक अलग-थलग मामला है या जिले में सक्रिय किसी बड़े कबाड़ नेटवर्क की कड़ी?
स्थानीय उद्योग और कानून व्यवस्था पर असर
अवैध कबाड़ परिवहन का सीधा असर दो स्तरों पर पड़ता है:
औद्योगिक नुकसान: फैक्ट्रियों या निर्माण स्थलों से चोरी हुई सामग्री उद्योगों के लिए आर्थिक हानि का कारण बनती है।
कानून व्यवस्था: इस तरह की गतिविधियां संगठित अपराध को बढ़ावा देती हैं और स्थानीय स्तर पर असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
पुलिस की यह कार्यवाही ऐसे नेटवर्क पर अंकुश लगाने की दिशा में एक संकेतात्मक कदम मानी जा रही है।
जांच का दायरा कितना बढ़ेगा?
अब जांच का फोकस केवल चालक तक सीमित रहेगा या सप्लाई और खरीद नेटवर्क तक पहुंचेगा, यह महत्वपूर्ण होगा।
जानकारों के अनुसार, यदि इस तरह की कार्यवाहियों को लगातार खुफिया इनपुट के साथ जोड़ा जाए, तो अवैध कबाड़ कारोबार की जड़ों तक पहुंचना संभव हो सकता है।


क्या पुलिस इस मामले को एक बड़े नेटवर्क के खुलासे तक ले जाएगी,या यह कार्यवाही केवल जब्ती तक सीमित रह जाएगी?

Show More

Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!