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औरानारा गुरुकुल में ग्रामीण बच्चों को कराई जाती है नि:शुल्क कोचिंग व तैयारी… नि:शुल्क कोचिंग के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज व सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु अब तक कुल 221 बच्चों का हो चुका है चयन…

रायगढ़। परमानंद पटेल पद व्याख्याता इतिहास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुसल्दा द्वारा ग्राम औरानारा में स्थित औरानारा गुरुकुल में जवाहर नवोदय विद्यालय, जवाहर उत्कर्ष राष्ट्रीय प्रतिभा खोज, एकलव्य विद्यालय तथा सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु नि:शुल्क कोचिंग व तैयारी प्रदाय की जाती है। परमानंद पटेल द्वारा सत्र 2011-12 से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों जैसे नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, जवाहर उत्कृष्ट राष्ट्रीय प्रतिभा खोज तथा अन्य विद्यालयों में प्रवेश व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तैयारी व नि:शुल्क कोचिंग करवाई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि परमानंद पटेल द्वारा संचालित औरानारा गुरुकुल से जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु 75, एकलव्य विद्यालय में 120, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज में 21 और सैनिक स्कूल में 02 सहित अब तक यहां से कुल 221 बच्चों का चयन आज पर्यंत हो चुका है तथा खास बात यह है कि औरानारा गुरुकुल में वर्तमान सत्र के लिए भी लगभग 150 बच्चों को नवोदय परीक्षा की तैयारी व नि:शुल्क कोचिंग प्रदाय की जा रही है। परमानंद पटेल द्वारा अपने घर में प्रतिवर्ष लगभग 150 से 200 बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए नि:शुल्क कोचिंग और तैयारी कराई जाती है। जिसमें रायगढ़ जिले के अलग-अलग विकास खंडों से पालक अपने अपने बच्चों को कोचिंग के लिए यहां लेकर जाते हैं और परमानंद पटेल के घर में एजुकेशन हब जैसा मेला लगा रहता है। खास बात यह है कि परमानंद पटेल बच्चों की शिक्षा के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित होकर अपने विद्यालयीन समय के अतिरिक्त समय में शाम 3 से 4 घंटे की अपने घर मे निःशुल्क कोचिंग की तैयारी कराते हैं।

व्याख्याता परमानंद पटेल ने बताया कि जब मेरी पदोन्नति माध्यमिक शाला बेहरामुडा में हुई तो वहां की शैक्षिक गुणवत्ता निम्न स्तर पर थी। जिसको मैंने चुनौती के रूप में स्वीकार कर बच्चों को प्रारंभिक गणित की शिक्षा देते हुए आगामी वर्ष में कक्षा आठवीं के बच्चों को जवाहर उत्कर्ष की तैयारी करवाया। जिसमें एक बच्चा का चयन प्रथम स्थान पर हुआ। उसके बाद अगले वर्ष जवाहर उत्कर्ष एवं एकलव्य में 6 बच्चों का चयन हुआ। जिले से कुल 8 बच्चों का चयन हुआ था। इससे प्रेरित होकर घर में दो चार बच्चों से शुरुआत कर आज विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी लगभग 150 से 200 बच्चों के बीच करवा रहा हूं। इस पुनीत कार्य मे मेरी पत्नी श्रीमती कुन्ती पटेल का भी सहयोग पूर्ण रूप से रहता है।

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