छत्तीसगढ़

जमाखोरी को रोकने के लिए प्रशासन सख्त 7 दिनों में 46 दुकानों का निरीक्षण…

जिला प्रशासन ने अभियान चला कर 7 दिनों में 46 दूकानों में दबिश की

दुर्ग। संक्रमण काल की स्थिति में कुछ असामाजिक तत्वों जमाखोरी कर अनुचित मूल्य वृद्धि ना की जाए इसके लिए विगत कुछ दिनों से जिले में फूड सेफ्टी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने एक व्यवस्थित विशेष सप्ताहिक अभियान चलाया गया। इस अभियान की शुरूआत 19 जनवरी से की गई थी। जिसमें प्रतिदिन फूड इंस्पेक्टर और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने 6 से 7 दुकानों में औचक निरीक्षण किया गया।

इस प्रकार 1 सप्ताह में कुल 46 दुकानों का निरीक्षण किया गया। जिसमें खाद्य सामाग्री दुकान के साथ-साथ मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। इसके लिए खाद्य एवं ड्रग अमले की टीम ने सभी थोक व फुटकर विक्रेताओं के यहां आवश्यक वस्तुओं के भंडारण की सीमा व उपलब्धता तथा वस्तुओं को रेट लिस्ट के अनुरूप बेचा जा रहा है कि नही की जांच की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुएं उचित दर पर उपलब्ध कराना था।

ऐसा पूर्व में देखा गया है कि आपदा की स्थिति में कुछ वस्तुओं की मांग में कम समय के लिए अप्रत्याशित वृद्धि होती है। जिससे दुकानदारों को जमाखोरी का मौका मिल जाता है और वह इस स्थिति का फायदा उठाते हैं। इस वस्तुस्थिति को प्रशासन ने पहले से ही भांप लिया था। जिसको अमल कराने के लिए शासन द्वारा समय-समय पर आदेश निकाले गए थे। इसी के अगली कड़ी में शासन ने इस औचक निरीक्षण का कार्यक्रम भी किया था। शासन की जागरूकता ही है कि 7 दिन चलने वाले इस अभियान में छापेमारी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। चाहे राशन दुकान हो या मेडिकल दुकान सभी में तय रेटलिस्ट के अनुरूप वस्तु का विक्रय किया जा रहा था। इस बार मास्क और सेनेटाईजर जैसे उत्पादों में भी किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।

इस पर कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने कहा कि दैनिक उपयोग में आने वाले आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, नमक, दूध, चाय, माचिस, रसोई गैस, मिट्टी तेल, आलू, प्याज व अन्य सब्जियों की जमाखोरी और मेडिकल उत्पादों की जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन वस्तुओं की उचित मूल्य व उचित मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। वहीं उन्होंने कहा कि दुकानों पर आवश्यक वस्तुओं की कीमत चस्पा करने को कहा गया है। इसी आधार पर कीमत भी ग्राहकों से लिया जाए। ऐसा नहीं करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होगी।

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