छेरछेरा त्यौहार कहीं कोरोना पर भारी न पड जाए…

छेरछेरा त्यौहार कहीं कोरोना पर भारी न पड जाए…
सोमवार को जिले के ग्रामीण अंचलों में पुषपुनि यानी छेरछेरा का त्यौहार अपने परम्परागत तरीके से मनाया गया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच यह त्यौहार लोगो के लिए डर का कोई माहौल ही नही रहा।अब लोग कोरोना संक्रमण को लेकर भी बेपरवाह हो गए हैं। दुकानें ,बाजार या फिर शादी विवाह व दशकर्म लोगो की हुजूम चल ही रहा है। शादी विवाह व दशकर्म के लिए सीमित संख्या कर दी गयी है ,बावजूद इसके बिना मास्क व सोसल डिस्टेंसिग के कार्यक्रमो का आयोजन बेरोकटोक चल रहा है।
कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी कोई भी दुकानदार न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही ग्राहकों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण अंचल में कोरोना पैर पसार रही है। ग्रामीण अंचल में कोरोना संक्रमित व्यक्ति व उनका परिवार भी कोरोना गाइड लाइन का पालन नही कर रहे हैं। सब अपने घरों से निकल रहे हैं। ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधि व सचिव के अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिन भी अब निष्क्रिय हो गए हैं। अपने जबाबदेही का पालन नही कर रहे हैं। छेरछेरा त्यौहार में पालक भी गैरजिम्मेदार बन कर अपने बच्चों को घर घर भेज दिया जबकि गांव में हर चैथा व्यक्ति सर्दी जुकाम व बुखार पीड़ित हैं।
प्राइवेट व दवा दुकानों से दवा लेकर काम चला रहे हैं। कोरोना टेस्ट कराने से भी लोग कतरा रहे हैं। जिस तरह की लापरवाही पालक अपने बच्चों के लिए कर रहे यह अपने बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वयं दो डोज लगाने के बाद अपने को सुरक्षित महसूस करने वाले पालक बाहर से संक्रमित होकर अपने घर आ रहे हैं ,बच्चों व परिवार के साथ घुलमिल रहे हैं जिससे बूढ़े व बच्चों के लिये कम खतरा नहीं है ।
छेरिक छेरा छेर बरकतीन छेरछेरा
माई कोठी के धान ल हेर हेरा,
अरन-दरन कोदो दरन
जभे देबे तभे टरन।
तारा ले तारा लोहाटी तारा
जल्दी-जल्दी बिदा कारो जाबो दूसर पारा।
छेरिक छेरा छेर बरकतीन छेरछेरा, माई कोठी के धान ल हेरहेरा।
अपने बच्चों व नॉनिहालो को सुरक्षित रखने के लिये कोरोना गाइड लाइन का पालन अवश्य करना चाहिए। हर व्यक्ति को समझदारी अपनानी होगी ,सतर्कता बरतनी होगी ताकि हम सब हमारा परिवार प्रदेश देश स्वस्थ व निरोगी रह सकें।



