
जनमन मिलते ही पढऩे में रम जाता हूं
शासन की योजना के साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परम्परा का दर्पण है जनमन
रायगढ़, 1 फरवरी 2020/ जनमन के जनवरी की प्रति प्राप्त कर अपनी खुशी बयां करते हुए नंदेली के कैलाश पटेल ने कहा कि यह अंक उनके लिए बहुत खास है और यह किताब जब भी मिलती है मैं पढऩे में रम जाता हूं। लोकसेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे कैलाश ने बताया कि जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित यह किताब छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में प्रमाणिक, ज्ञानवर्धक, प्रासंगिक एवं तथ्यपरक जानकारियों का उम्दा संकलन है। यह शासन की योजना के साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परम्परा का भी दर्पण है। जनमन में समसामयिक घटनाक्रम का भी समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बहुत उपयोगी है, वहीं जनसामान्य के लिए भी जानकारी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। कैलाश ने ऐसे महत्वपूर्ण, रूचिकर एवं प्रेरणादायक प्रकाशन के लिए जनसंपर्क विभाग को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
कैलाश पटेल ने कहा कि जनमन के इस अंक में यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का आगाज किया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए डॉ.खूबचंद बघेल एवं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की है, जिसमें जटिल एवं दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए सरकारी मदद का दायरा 50 हजार से लेकर 20 लाख रुपए तक किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव को विश्वस्तर पर पहचान मिली है। जिसमें देश के राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेशों के आदिवासी कलाकारों ने एक दूसरे की संस्कृति को निकट से महसूस किया और आत्मसात किया। युगांडा, बेलारूस, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैण्ड, बांग्लादेश सहित भारत के विभिन्न जनजातीय कलाकारों ने मंच साझा किया। यही वजह है कि महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष श्री नानाभाऊ पटोले ने छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल से प्रभावित होकर यह कहा कि महाराष्ट्र में भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित करता है। वहीं हर क्षण को मोहक तस्वीरों में पिरोया गया है, जो इस किताब को आकर्षक बनाती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन के लिए हाल ही में ही कर्नाटक में छत्तीसगढ़ को कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।




