रायगढ़। सोशल मीडिया पर प्रसारित उस खबर का जिला पुलिस प्रशासन ने खंडन किया है, जिसमें भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कथित झड़प में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के घायल होने की बात कही गई थी। पुलिस के अनुसार यह सूचना पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है तथा ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के प्रसारित की गई खबरें न केवल आमजन के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं, बल्कि समाचार माध्यमों की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन का कहना है कि संबंधित घटनाक्रम को लेकर किसी अधिकारी के घायल होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
जिला पुलिस ने मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से अपील की है कि पुलिस से जुड़े किसी भी समाचार के प्रकाशन या प्रसारण से पहले संबंधित विभाग का अधिकृत पक्ष अवश्य लिया जाए, ताकि अप्रमाणित सूचनाओं के प्रसार से बचा जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के तेजी से विस्तार के दौर में सूचना की पुष्टि और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच और आधिकारिक पुष्टि को प्राथमिकता देना ही जनविश्वास बनाए रखने का आधार माना जा रहा है।




