जिला परिक्रमा

तेज रफ्तार चल रहे भारी वाहन दुर्घटना को दे रहे निमंत्रण

तेज रफ्तार चल रहे भारी वाहन दुर्घटना को दे रहे निमंत्रण

रामकृष्ण पाठक@कूड़ेकेला :- छाल क्षेत्र में भारी वाहनों का व्यापक पैमाने पर चलन से क्षेत्र के लोगों में इन भारी वाहनों के तेज रप्तार चलन से जहन सिहर उठते हैं।सड़क किनारे बसे लोग रोजाना ईश्वर से विनती करते रहते हैं कि कोई अनहोनी घटना इन वाहनों के इस रप्तार से चलन में न हो। वही छाल क्षेत्र के लोग तहसील व जनपद मुख्यालय धरमजयगढ़ होने के कारण आये दिन अपने काम को लेकर इस मार्ग से होकर ही जाने को मजबूर होते हैं और ये अपने जान को जोखिम में डालकर मार्ग से होकर मुख्याल जाने को मजबूर हैं । मार्ग में भारी वाहनों के ब्यापक पैमाने पर विशेष कर कोयला परिवाहन के कार्य किये जाने के कारण इस मार्ग में इन भारी वाहनों का भारी संख्या में रोजाना चलन देखा गया है। जहाँ इन भारी भरकम कोयला लोड वाहनों का चलन परिवाहन विभाग के नियम कायदे का धज्जी उड़ाते बिना लाइसेंस के चालक सड़क में फर्राटे भर रहे हैं।बिना अनुभव के चालक इन वाहनों को चलाने के कारण दाया बायाँ जहाँ छोटा सा जगह दिखा गाड़ी पार्किंग कर सड़क मार्ग को बाधित कर रहे हैं। नवसीखिया चालक वाहन चलाने के जुनून में एक दूसरे से आगे निकलने के फिराक में भारी वाहनों को तेज एव लापरवाही पूर्वक दौड़ा रहे हैं।जिससे आये दिन क्षेत्र में दुर्घटनाओ का होना आम बात सी हो गई है।
इतना ही नहीं अधिकांश वाहन चालक डीजल बचाने के फिराक में तेज रफ्तार चला कर एका एक न्यूटल कर डीजल बचाने का प्रयास किया जाता है।
परिवाहन विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किये जाने का भुना रहे फायदा:-
जिला मुख्यालय में बैठे परिवाहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी कागज में बतौर कार्यवाही कर उच्च अधिकारी से पीठ थपथपा ले रहे हैं।जहाँ जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही न होने के कारण इन चालकों के मनोबल दिन ब दिन बढते चला जा रहा है। बिना इंसोरेंस, फिटनेस लायसेंस,परमिट जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के अभाव में भी ले दे कर फर्राटे भर रहे भारी वाहन।

कप्तान के मुहिम पर लगा रहे है ग्रहण


जिला पुलिस कप्तान जिले के सड़क दुर्घटना ग्राफ में कमी लाने को लेकर लगतार मुहिम छेड़ लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। हालही में सड़क सुरक्षा सप्ताह का भी आयोजन कर लोगों को सड़क दुर्घटना के होने के मुख्य कारण व इनसे कैसे छोटी छोटी सवधनियो से बचा जा सकता है। इसे नाटक नुख्ड रैली जैसे कई मध्यम से लोगो में चेतना जगाने का प्रयास किया गया।
वाहन मालिक चंद रुपये बचाने के फिराक में इस तरह के चालकों के हाथ सौप देते हैं भारी भरकम वाहन:- क्षेत्र में नावसीखिया वाहन चालक नए नए वाहन देख चलाने को लालायित रहते हैं।जिन्हें महज एस्टेरिग सम्भालना आता है ड्राइवर बन जाते हैं।और वाहन मालिक के पास पहुच दो साल तीन साल का अनुभवी बता कर गाड़ी का स्टेरिग पकड़ लेते हैं।न तो ये चालक बलिक होते हैं, न इन्हें इन भारी वाहनों को चलाने का पूर्ण ज्ञान होता है।न ही इनके पास कोई सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लायसेंस होते हैं।इनके द्वारा बड़े ही सफाई के साथ कम्प्यूटर से खिलवाड़ कर कापी लायसेंस बनवा लिया जाता है।जिसमे वाहन मालिक भी इन चालको का सहयोग लायसेंस बनवाने में करते हैं।
इस तरह के चालक मान्यता प्राप्त चालको से काफी कम रुपये लेकर वाहन चलाने को तैयार हो जाते हैं।
आपस में बातें कर डीजल बचाने का करते हैं उपाय और छोटे छोटे ढलानों में न्यूटल कर सामने से आ रही वाहन को साइड न देना व ब्रेक न लगा कर अपने मुताबिक स्थान न्यूटल में पहुचाने तक कोई भी दुर्घटना को अंजाम देने में पीछे नही हटते।

परिवाहन विभाग इन पर कार्यवाही करे तो क्षेत्र के सैकड़ो भारी वाहन से छाल क्षेत्र के दुर्घटनाओं के ग्राफ में काफी बदलाव देखने को मिलेगा।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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