खरसियाछत्तीसगढ़

जैमुरा में समर्थन मूल्य के धान खरीदी में…गड़बड़ी करने वाले कर्मचारी, संचालक मण्डल के फ़रार सदस्यों में से 06 की…

समिति अध्यक्ष सहित 16 लोगों पर किया गया था एफआईआर दर्ज, 11 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी…

खरसिया दिनांक 18.09.2020 को खाद्य निरीक्षक खरसिया शैलेन्द्र कुमार एक्का द्वारा कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा) रायगढ़ के पत्र पेश कर सेवा सहकारी समिति मर्यादित जैमुरा में खरीफ विपणन वर्ष 2019 – 20 में उपार्जन केन्द्र जैमुरा एवं बसनाझर के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में समिति प्रबंधक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, फड़ प्रभारी, बारदाना प्रभारी, लिपिक, लेखापाल एवं कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा अनियमितता कर कुल 12989156.80 का धान, बारदाना, शासकीय रकम का गबन करने के संबंध में प्रथम सूचना दर्ज कराया गया था।

जिस पर समिति प्रबंधन सहित 16 व्यक्तियों पर नामजद अपराध थाना खरसिया अपराध क्रमांक 386 /2020 धारा 409, 34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना दरम्यान 05 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया था

आज दिनांक 08.03.2021 को अपराध में शामिल 06 आरोपियों जो फरार चल रहे थे को खरसिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में…

1- भानु प्रताप डनसेना पिता चूड़ामणि डनसेना उम्र 44 वर्ष निवासी सोंडका थाना खरसिया

2- डोल नारायण पटेल पिता स्वर्गीय विजय राम पटेल 34 साल बायंग थाना खरसिया

3- खगपति पटेल पिता स्वर्गीय कृष्णचंद पटेल उम्र 34 वर्ष जैमूरा थाना खरसिया

4- बंधुराम पटेल पिता स्वर्गीय चिटकी राम पटेल उम्र 54 वर्ष थाना खरसिया

5- हलधर डनसेना पिता मुनू बाबू उम्र 51 वर्ष निवासी अमापाली थाना खरसिया

6- बुद्धेश्वर डनसेना पिता कुबेरराम डनसेना उम्र 64 वर्ष निवासी सोंडका थाना खरसिया गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

प्रकरण में दो महिला एवं तीन पुरुष आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है, आरोपीगण फरार हैं जिनकी पतासाजी हेतु मुखबिर लगाए गए हैं…

आखिर सत्य क्या…?

वही अमानत में खयानत न करने की बातें आरोप लगें आरोपित कर्मचारी ने कहे उनके द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जैमुरा के खाते को ऑन लाइन 0है परन्तु कहीं विभागीय ऑनलाइन किए धान को वापस कर दिए गया है उसे अमानत पर खयानत करने का अपराध दर्ज किया गया है वर्तमान में मामला पुलिस से माननीय न्यायालय के समक्ष में विचाराधीन है… विद्वान न्यायाधीश के निर्णय उपरांत ही स्पष्ट हो पाएंगा कि आखिर कर्मचारी के द्वारा कही बात सत्य है या नहीं …

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