मीटिंग में गैरहाजिर कांग्रेस के जिला और ब्लॉक समन्वयकों पर होगी कार्यवाही

मनरेगा बचाओ संग्राम की रिव्यू मीटिंग से नदारद रहने वाले जिला और ब्लाक समन्वयकों पर कार्यवाही हो सकती है। गत दिनों शिमला में हुई बैठक से करीब 40 कोर्डोनेटर बैठक में हाजिर ही नहीं हुए थे, जिसका प्रदेश मामलों की प्रभारी, सह प्रभारी और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कड़ा संज्ञान लिया है और यहां तक कह दिया है कि यह लोग अपनी पहली ही परीक्षा में फेल हो गए। बहरहाल जिला और ब्लाक समन्वयकों का इस बैठक को गंभीरता से ना लेना अब उन पर भारी पड़ सकता है। बता दें कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए बदलाव को लेकर मनरेगा बचाओ संग्राम देश भर में चलाया है। इसके तहत राज्य में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अभियान चला रखा है।
हिमाचल कांग्रेस ने जिला और ब्लाक स्तर पर इसकी निगरानी और मार्गदर्शन के लिए जिला और ब्लाक स्तर पर समन्वयक तैनात किए थे। इनका कार्य अभियान को लेकर जिला अध्यक्षों के साथ समन्वयक स्थापित कर इसको जमीनी स्तर तक ले जाना है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में चल रहे इस अभियान को लेकर एक रिव्य मीटिंग गत दिनों प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय शिमला स्थित राजीव भवन में हुई थी। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस की कार्यसमिति सदस्य एवं प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी विदित चौधरी, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, पंचायती राज मंत्री अनिरूद्व सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में तकरीबन 36 ब्लाक और पांच से छह जिला समन्वयकों ने अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं करवाई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में इस पर कड़ा संज्ञान लिया गया। प्रदेश के सह प्रभारी ने यहां तक कह दिया था कि इन्हीं में से कईयों को आने वाले समय में महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां देनी थी। इस बैठक में यह भी खुलासा हुआ कि कई समन्वयक पार्टी द्वारा तय किए गए कार्य क्षेत्र तक भी नहीं पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने इस बैठक में स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि जो संगठन के लिए गंभीरता के साथ कार्य नहीं कर रहे है, उन्हें अब भविष्य में भी मौका नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने अभियान के तहत कुछ द्वारा बेहतर काम करने की बात भी कही। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला और ब्लॉक स्तर पर समन्वयकों की तैनाती को लेकर जिला अध्यक्षों से नाम मांगे थे। बावजूद इसके कुछ क्षेत्रों में जिला अध्यक्षों द्वारा सुझाए गए नामों को तवज्जो ही नहीं दी गई। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल और कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने समन्वयकों द्वारा बैठक को गंभीरता के साथ ना लेने और इसमें उपस्थिति दर्ज ना करवाने को लेकर कड़ी नजराजगी जताई है। लिहाजा माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश में जिला और ब्लाक स्तर पर तैनात समन्वयकों को जिम्मेदारी से भी मुक्त किया जा सकता है। साथ ही संगठन विस्तार के तहत बनाई जाने वाली कार्यकारिणी में भी शामिल नहीं किया जाएगा।



