
जशपुर। जिले के एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री और जशपुर के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। नगर पालिका सीएमओ की शिकायतों के बीच मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम करें। इस दौरान उन्होंने एक रोचक लेकिन गंभीर संदेश देने वाली कहानी सुनाकर सभी को चौंका दिया – ‘मिथुन कौन है?’
दरअसल, भाजपा विधायक रायमुनि भगत समेत कई भाजपा पदाधिकारियों ने बैठक में नगर पालिका सीएमओ की शिकायत की। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की बात सामने आने पर वित्त मंत्री चौधरी ने एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को त्रिपुरा की एक कहानी सुनाई।
क्या है ‘मिथुन’ की कहानी?
वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि त्रिपुरा में एक चुनावी दौरे के दौरान भाजपा के नेता ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ के बारे में पूछ रहे थे। जब ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें राशन मिल रहा है, तो नेताओं ने राहत की सांस ली। लेकिन जब पूछा गया कि राशन कौन देता है, तो जवाब मिला – मिथुन देता है। यह सुनते ही सब हैरान रह गए। जांच करने पर पता चला कि ‘मिथुन’ कोई नेता नहीं, बल्कि राशन दुकान चलाने वाला कर्मचारी है। ग्रामीणों को न नेता का चेहरा याद था, न मंत्री का नाम – बस मिथुन ही उनका ‘जनसेवक’ था। मंत्री चौधरी ने इस कहानी के माध्यम से अधिकारियों को समझाया कि यदि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जाएगी, तो ‘मिथुन’ जैसे हालात यहां भी बन सकते हैं।
नगर पालिका सीएमओ को फटकार
मंत्री चौधरी ने सीएमओ उपाध्याय को फटकार लगाते हुए दो टूक कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कार्यकर्ताओं के मेहनत से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, उनकी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विधायक रायमुनि भगत ने भी जताई नाराजगी
विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि कई बार अधिकारी शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को बुलाना तक जरूरी नहीं समझते और खुद ही सारा श्रेय ले लेते हैं। उन्होंने भी आगाह किया कि कार्यकर्ताओं का हाल ‘मिथुन’ जैसा न हो जाए।
मंत्री चौधरी के इस संदेश के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप है और उम्मीद की जा रही है कि अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से कदम उठाएंगे।




