
खरसिया: खरसिया विधानसभा क्षेत्र के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में बसा बरगढ़ खोला और आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों को महाशिवरात्रि मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है।

इस क्षेत्र में यही एकमात्र मेला होता है, जिसमें श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के साथ-साथ मेले का आनंद उठाते हैं। अन्य वर्षों की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के अवसर पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में विशाल मेला लगता है,

सिद्धेश्वरनाथ मंदिर की मान्यता और विशेषताएँ
जानकार बताते हैं कि बरगढ़ स्थित सिद्धेश्वर नाथ मंदिर रायगढ़ जिला,खरसिया विकास खण्ड के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जिसके चारों ओर पहाड़ और कल-कल करती अविरल जलधारा का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। मान्यता है कि यहाँ जल स्नान और दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

इस मंदिर में भगवान शिव के अलावा माँ आदिशक्ति देवी दुर्गा, भगवान श्रीराम, माता सीता, भाई लक्ष्मण और साईं बाबा के मंदिर भी स्थापित हैं। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु दूर-दूर से यहाँ आते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
महाशिवरात्रि मेले की विशेषताएँ

बरगढ़ के सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर लगने वाला मेला पूरे जिले में प्रसिद्ध है। यह मेला कई दिनों तक चलता है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। मंदिर प्रांगण में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है, जिससे मंदिर में प्रवेश करना भी कठिन हो जाता है। परन्तु खरसिया पुलिस प्रशासन व्यवस्था को सम्हालते हुए सभी श्रद्धालु को सुगमता पूर्वक दर्शन लाभ हो जाता है।

रात में मेला बंद हो जाता है, लेकिन दिनभर श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और दर्शन करते रहते हैं। स्थानीय व्यापारी और दुकानदार भी इस मेले में अपनी दुकानों के साथ भाग लेते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मनोरंजन और खरीदारी का अवसर भी मिलता है।
सावन में भी विशेष आयोजन

महाशिवरात्रि मेले के अलावा सावन के महीने में भी यहाँ विशेष आयोजन किए जाते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान मेले जैसी ही चहल-पहल रहती है और भक्तजन पूजा के साथ-साथ खरीदारी का भी आनंद लेते हैं।
पौराणिक मान्यता और आस्था

सिद्धेश्वर नाथ मंदिर से जुड़ी एक रोचक मान्यता है कि जब भक्तजन भगवान शिव पर जल चढ़ाते हैं, तो शिवलिंग जलमग्न हो जाता है और भोलेनाथ पहाड़ की चोटी पर विराजमान हो जाते हैं। इसके बाद श्रद्धालु पहाड़ की चोटी पर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं। यह अनूठी आस्था वर्षों से चली आ रही है और इसे लेकर भक्तों की गहरी आस्था है।

बरगढ़ धाम का सिद्धेश्वर नाथ मंदिर धार्मिक आस्था और मान्यताओं से परिपूर्ण है। महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाला यह मेला पूरे जिले में प्रसिद्ध है, जहाँ श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं।

इस पावन स्थल की महिमा पूरे क्षेत्र में गूंजती है और हर साल हजारों भक्त यहाँ आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।




